संजय लीला भंसाली की फिल्म राम-लीला से जुड़े पुराने विवाद खत्म नहीं होते कि नया कानूनी झमेला शुरू हो जाता है। अब जबकि इस फिल्म के रिलीज होने में एक हफ्ता भी नहीं बचा है, इसके खिलाफ लखनऊ के आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी तथा सामाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर ने सेंसर बोर्ड में याचिका दायर की है।
अमिाभ और नूतन ने 15 नवंबर को रिलीज होने वाली फिल्म राम-लीला के खिलाफ सिनेमेटोग्राफर एक्ट 1952 के तहत सेंसर बोर्ड में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि इस फिल्म का नाम राम-लीला है, लेकिन इसका उस पवित्र धार्मिक कार्यक्रम से कोई भी वास्ता नहीं है. यह फिल्म अपने आप को गोलियों की रामलीला कहती है। इसके आधिकारिक ट्रेलर में कई गंदे डायलॉग और अंतरंग दृश्य हैं जिनका इस शब्द से कोई संबंध नहीं है। ये हिन्दुओं की भावनाओं को आहत करता है।
उन्होंने कहा है कि इस संबंध में इलाहाबादच्उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दायर की गयी थी पर अदालत ने कहा कि चूंकि अभी तक सेंसर बोर्ड ने इस पर निर्णय नहीं किया है। इसलिए इस पर सुनवाई अभी जल्दबाजी होगी। इसलिए अमिताभ और नूतन ने सेंसर बोर्ड से तत्काल इस फिल्म का नाम बदले जाने या ऐसा नहीं करने पर इसके प्रोमो को रोकने और फिल्म को अनुमति देने से मना करने का निवेदन किया है।
रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण की इस फिल्म के साथ यह कोई पहला कानूनी झमेला नहीं है।


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