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नवंबर से केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नौकरशाह इलेक्ट्रिक सेडान कारों में घूमते दिखेंगे। दुनिया के तीसरे सबसे बड़े तेल की खपत करने वाले भारत ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) में शामिल होने का फैसला किया है। इसके लिए 10,000 बैटरी संचालित कारों और एनसीआर में 4,000 चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए वैश्विक बोलियां लगाई गई हैं।

सरकारी पॉवर यूटिलिटी कंपनी एनर्जी एक्सीसिबिलिटी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने इसके लिए टेंडर जारी किया है और शुक्रवार को रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल जारी किया जाएगा। केंद्रीय बिजली, कोयला और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि हम सरकारी विभागों के साथ इस काम को शुरू करेंगे।

ईईएसएल और पेट्रोलियम पंपों ने एनर्जी एफिशिएंट एलईडी बल्बों की पेट्रोल पंपों से बिक्री के लिए एमओयू पर बुधवार को हस्ताक्षर किए हैं। ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने कहा कि कंपनी पहले चरण के तहत छह महीने के अंदर चार दरवाजों वाली 1000 इलेक्ट्रिक विहिकल खरीद लेगी। इन कारों को एक बार चार्ज करने के बाद वे 120 से 150 किमी तक चलेंगी।

उन्होंने कहा कि हमने सरकार को बताया कि हम ईवी, ड्राइवर और मेंटिनेंस की सुविधा मुहैया कराएंगे। इसलिए सरकारी विभागों के लिए कुछ भी नहीं बदलेगा क्योंकि उन्हें सेवाएं मिलना जारी रहेंगी। पुरानी व्यवस्था की तुलना में इस पर संभवतः 5,000 रुपए का खर्च कम होगा और प्रदूषण में कमी में भी योगदान दिया जा सकेगा।

आतंकवाद से लेकर धार्मिक आजादी जैसे मुद्दों पर पाकिस्तान दुनियाभर में बेनकाब होता जा रहा है. अब अमेरिका ने खुले तौर पर कहा है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों की आजादी खतरे में है.
अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन द्वारा जारी एक रिपोर्ट में ये बात कही गई है. रिपोर्ट में कहा गया है कि पाकिस्तान में धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों और धार्मिक आजादी को संरक्षण नहीं दिया जा रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान में सिख, ईसाई और हिंदू जैसे अल्पसंख्यक जबरन धर्मांतरण के डर में रहते हैं.

इसके अलावा पाकिस्तान में हुक्मरानों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए गए हैं. कहा गया है कि केंद्र और राज्य सरकारों के स्तर पर हिंदू, सिख और ईसाइयों की आजादी सुनिश्चित करने वालों कानूनों पर सही ढंग से अमल नहीं किया जा रहा है.

'धर्मांतरण रोकने में सरकार फेल'

रिपोर्ट में पाकिस्तान सरकार को सीधे तौर पर इसके लिए जिम्मेदार ठहराया गया है. रिपोर्ट में पाकिस्तान में रहने वाले धार्मिक अल्पसंख्यक समुदाय के सदस्यों का हवाला देते हुए बताया गया ''धार्मिक अल्पसंख्यकों की शिकायत है कि वे धर्मांतरण की समस्या को सुलझाने के लिए सरकार के अपर्याप्त कदमों को लेकर चिंतित रहते हैं.''


बता दें कि पाकिस्तान से अक्सर हिंदूओं पर हमले की खबरें आती रहती हैं. इसके अलावा हिंदू, सिख और ईसाइयों के जबरन धर्मांतरण की भी तमाम खबरें सामने आती रहती हैं. कई बार पाकिस्तान में रहने वाले हिंदू अपने अधिकारों के लिए विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं.

टिलरसन ने सुषमा को दी स्वतंत्रता दिवस की बधाई

वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन ने अपनी समकक्ष सुषमा स्वराज को फोन कर स्वतंत्रता दिवस की बधाई दी. इस दौरान दोनों के बीच विदेश और रक्षा संबंधों में व्यापक तालमेल को लेकर भी बातचीत हुई.

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अपने ताबड़तोड़ फैसले के लिए सुर्खियों में है लेकिन योगी के मंत्री और भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं की वजह से सरकार की छवि पर असर पड़ने लगा है. एक ओर केंद्र की मोदी सरकार विकलांगों को दिव्यांग का संबोधन देकर उन्हें सम्मान दिलाने के प्रयास में जुटी है, वहीं दूसरी ओर यूपी सरकार के मंत्री सरेआम एक दिव्यांग को उसकी कमी का अहसास करा रहे हैं.

प्राप्त जानकारी के अनुसार खादी और ग्राम उद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी बुधवार को ग्राम उद्योग बोर्ड के दफ्तर पहुंचे. वहां मंत्री जब साफ सफाई का निरीक्षण कर रहे थे, तो उनकी नजर एक दिव्यांग कर्मचारी पर पड़ी उन्होंने कहा, 'लूले-लंगड़ों को संविदा पर रखा है, ये क्या सफाई कर पायेगा. इन्ही की वजह से तो सफाई का हाल बुरा है . आप पैसे दे रहे हो ना? मंत्री ने पूरे दफ्तर का दौरा किया और सफाई को लेकर फटकार लगायी. प्रधानमंत्री के स्वच्छ भारत अभियान का जिक्र किया और कहा कि अगर शाम तक सफाई नहीं करायी, तो सिर में रखकर कूड़ा उठावायेंगे. मंत्री ने जिस तरह दिव्यांगों की क्षमता पर सवाल खड़े किये वह अपराध की श्रेणी में आता है. 

मोदी सरकार ने दिव्यागों के लिए संसद में एक बिल पास किया है. भेदभाव किए जाने पर दो साल तक की कैद 5 लाख रुपए तक का जुर्माना है. यह सिर्फ एक घटना नहीं है जिससे यूपी सरकार की छवि पर बट्टा लगा है, इस तरह की दूसरी घटना उत्तर प्रदेश के महोबा के जैतपुर ब्लॉक में हुई जहां महिला बीडीओ महिमा विद्यार्थी के साथ एक भाजपा कार्यकर्ता एवं सेक्टर प्रभारी असमेन्द्र द्विवेदी ने घर में घूस कर दुर्व्यवहार किया. महिला बीडीओ ने इस मामले की शिकायत थाने में भी की है. 

उन्होंने कहा, इस शिकायत के बाद भी उस पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी. उन्होंने तंग आकर राज्यमंत्री डॉ. महेंद्र सिंह से की शिकायत की. उन्होंने महिला बीडीओ की शिकायत पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह अति उत्साह में किया गया कार्य है. महिला बीडीओ ने कहा, असमेन्द्र द्विवेदी को कोई शिकायत है तो उन्हें दफ्तर में आकर करनी चाहिए वो मेरे घर में आ जाते हैं और बदसलूकी करते हैं.

महिला की शिकायत न थाने में सुनी गयी और ना ही मंत्री जी ने इस पर कोई संज्ञान लिया शिकायत पर उनका जवाब की भाजपा कार्यकर्ता कोई गलत काम नहीं कर सकते कुछ कार्यकर्ता अति उत्साह में ऐसा कर देते हैं. यूपी सरकार के इन नेताओं द्वारा की गयी टिप्पणी सरकार की छवि खराब कर रही है.

हिसार/गुरुग्राम:देश के सबसे युवा सांसद दुष्यंत चौटाला और सीनियर आई.पी.एस. परमजीत सिंह अहलावत की बेटी मेघना शादी के बंधन में बंध गए हैं। उनके विवाह उत्सव की तमाम रस्में गुरुग्राम के एंबियंस आईलैंड में पूरी की गई, जिस दौरान राजनैतिक जगत की गई हस्तियां नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देने पहुंची। मिली जानकारी के अनुसार फूलों से सजे रथ में दुष्यंत चौटाला मंडप पहुंचे थे। इनेलो परिवार की खुशियों में कई दिग्गज नेता हुए शामिल इंडियन नेशनल लोकदल के सांसद दुष्यंत चौटाला की शादी के मौके पर चौटाला परिवार की खुशियाें के साक्षी बनने वालों में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, चौ. बीरेंद्र सिंह, रेलमंत्री सुरेश प्रभु, हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, बाबा रामदेव समेत राजनैतिक जगत की गई हस्तियां शामिल रही।
इंडियन नेशनल लोकदल के सांसद दुष्यंत चौटाला की शादी के मौके पर चौटाला परिवार की खुशियाें के साक्षी बनने वालों में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, चौ. बीरेंद्र सिंह, रेलमंत्री सुरेश प्रभु, हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी, बाबा रामदेव समेत राजनैतिक जगत की गई हस्तियां शामिल रही।
गौरतलब है कि 3 जनवरी को बेहद सादे कार्यक्रम में गुड़गांव के एक होटल में रिंग सैरेमनी हुई थी। इस मौके पर होटल में केवल चौटाला और अहलावत फैमिली के करीब 40-45 मेंबर ही शामिल हुए थे।इस दौरान पूर्व सीएम ओमप्रकाश चौटाला और पूर्व सांसद अजय सिंह चौटाला भी एक दिन की पैरोल लेकर कार्यक्रम में शामिल हुए थे।
दुष्यंत चौटाला इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के सांसद हैं। वे 2014 लोकसभा चुनाव में हरियाणा के हिसार से जीते। वे 26 साल की उम्र में वे सांसद बन गए थे। अभी उनकी उम्र 29 साल (3 अप्रैल को) होने को है। दुष्यंत अजय चौटाला के बेटे हैं।अजय इस समय जेबीटी शिक्षक भर्ती घोटाले में 10 साल की सजा काट रहे हैं। दुष्यंत की मां नैना सिंह चौटाला, हरियाणा के डबवाली विधानसभा से मौजूदा विधायक हैं।दुष्यंत के एक छोटे भाई हैं दिग्विजय चौटाला, जो इस समय इनेलो का यूथ विंग संभाल रहे हैं। इस समय ओमप्रकाश चौटाला के बेटे अभय चौटाला हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष हैं और इंडियन नेशनल लोकदल पार्टी को संभाल रहे हैं।

नई दिल्ली, जेएनएन। देश भर में तीन तलाक के खिलाफ उठ रही आवाज़ के बीच ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने जहां कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि बिना वजह ट्रिपल तलाक की इजाजत नहीं होगी तो वहीं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्रिपल तलाक चलते मुस्लिम बहनों को होनेवाली बड़ी समस्या करार दिया है।

उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित भाजपा को दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के अंतिम दिन पीएम ने कहा कि ट्रिपल तलाक का जिला स्तर पर समाधान खोजने की जरुरत है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम बहनों की समस्या का समाधान खोजने की जरूरत है। जबकि, समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, एआईएमपीएलबी ने साफ कर दिया है कि बिना वाज़िब कारण के जो शरिया कानून में कहा गया है अगर कोई ट्रिपल तलाक देता है तो उसका सामाजिक तौर पर बहिष्कार किया जाएगा।

शरियत से जुड़े मामलों में सरकार का दखल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा: मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

जबकि, समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने कहा कि इस मुद्दे पर कुछ गलतफहमियां थी। लेकिन, उसको लेकर पर्सनल लॉ बोर्ड की तरफ से एक कोड ऑफ कंडक्ट जारी किया जाएगा।फिलहाल, ट्रिपल तलाक के संवैधानिक अधिकार के मसले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस वक्त इस्लाम के नियम का हवाला देकर कुछ मुस्लिम ट्रिपल तलाक को मान रहे है जिसके मुताबिक अगर कोई अपनी पत्नी को तीन बार तलाक बोलता है तो दोनों के बीच तलाक हो जाता है। 

शनिवार को एआईएमपीएलबी वर्किंग कमिटी ने इसे शरिया या धार्मिक कानून का हिस्सा बताते हुए उसे मौलिक अधिकार करार दिया था। इसके साथ ही, यह फैसला किया था कि इस मुद्दे पर किसी तरह का कोई बाहरी हस्तक्षेप नहीं होने दिया जाएगा।
हालांकि, बोर्ड ने यह फैसला किया कि ऐसा तंत्र सुनिश्चिक किया जाएगा कि दुर्लभ स्थिति में ट्रिपल तलाक की इजाजत होगी। बोर्ड ने आगे कहा कि जो लोग ट्रिपल तलाक बोलकर मौखिक तौर पर तलाक देते है उसका सामाजिक बहिष्कार और जुर्माने लगाकर उस पर रोक लगाई जाएगी।

भुवनेश्वर : ओडिशा में इस समय भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हो रही है. आज दूसरा दिन है. प्रधानमंत्री इस बैठक में हिस्‍सा लेने के लिए कल ही पहुंच गये थे. आज उन्‍होंने सबसे पहले स्‍वतंत्रता सेनानियों के परिजनों के साथ मुलाकात की और उन्‍हें सम्मानित किया. मोदी आज कार्यकारिणी की बैठक को संबोधित भी करने वाले हैं.प्रधानमंत्री मोदी ने स्‍वतंत्रता सेनानी के परिजनों से मुलाकात के बाद मशहूर लिंगराज मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे. मोदी ने यहां पूजा अर्चना की और 11वीं शताबदी के इस शिव मंदिर के बाहर अभिवादन कर रहे उत्साही लोगों को गर्मजोशी भरी प्रतिक्रिया दी. मोदी जैसे ही मंदिर पहुंचे, बाहर मौजूद लोगों ने उनका अभिवादन किया. लोग उनकी एक झलक पाने के लिए अपने अपने मकानों की छतों पर भी खडे थे.प्रधानमंत्री ने लोगों की ओर देख कर हाथ हिलाया. इसके बाद भाजपा नेता और पुजारी उन्हें मंदिर के अंदर ले गए. प्रधानमंत्री के साथ अंदर गए एक पुजारी ने बताया कि मंदिर के अंदर मोदी करीब 25 मिनट रहे. उन्होंने कड़ी सुरक्षा के बीच पूजा की और भगवान लिंगराज को फूल, बेल पत्र, दूध, नारियल पानी तथा मिठाइयां अर्पित कीं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर को देखा और पार्वती देवी सहित अन्य देवी देवताओं की पूजा की.

प्रधानमंत्री ने मंदिर के सेवायतों से भी बात की और मंदिर से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में पूछताछ की. एक सेवायत ने बताया कि प्रधानमंत्री को मंदिर के इतिहास, परंपराओं और वास्तु के बारे में बताया गया. प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर को साफ सुथरा रखे जाने तथा हर ओर ‘स्वच्छता' सुनिश्चित करने पर जोर दिया.


कुछ सेवायत प्रधानमंत्री के साथ सेल्फी लेते भी देखे गए. एक सेवायत ने बताया ‘‘यह दुर्लभ अवसर था और हम इसे जाने नहीं देना चाहते थे.' मंदिर से जाने से पहले प्रधानमंत्री ने वीवीआईपी पुस्तिका में हस्ताक्षर किए. बाहर उत्साहित भीड़ इंतजार कर रही थी. हाथ हिलाते हुए प्रधानमंत्री कुछ दूर तक नंगे पैर चले फिर अवरोधक की ओर बढ़ गए. उत्साहित भीड़ ‘‘मोदी, मोदी' चिल्ला रही थी और मोदी भाजपा की कार्यकारिणी बैठक के दूसरे दिन की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए जनता मैदान की ओर बढ़ गए.


भुवनेश्वर में भाजपा की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक जारी, पूर्वी भारत में जनाधार बढ़ाने की कवायद
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ब्रिटिश इस्‍ट इंडिया कंपनी के खिलाफ पाइका विद्रोह में हिस्‍सा लेने वाले स्‍वतंत्रता सेनानियों के परिजनों के साथ मुलाकात की और उन्‍हें सम्‍मानित किया. मुलाकात के दौरान उन्‍होंने कहा, मुझे खुशी है कि मुझे आप लागों के साथ मुलाकात का सौभाग्‍य मिला और दुख की बात है कि इतना बड़ा स्‍वतंत्रता आंदोलन केवल कुछ परिवार वालों और घटनाओं तक ही सीमित हो गया.


* मोदी का दो दिवसीय गुजरात दौरा, आज करेंगे रोडशो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम में सूरत पहुंचने के बाद एक रोडशो करके गुजरात का अपना दो दिवसीय दौरा शुरू करेंगे. सूरत के कलेक्टर एम एस पटेल ने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी शाम छह बजकर 45 मिनट पर सूरत हवाई अड्डे पर उतरेंगे. वहां से वह रोडशो करेंगे जो कि हवाई अड्डे और सर्किट हाउस के बीच 11 किलोमीटर से कुछ अधिक फासले का होगा.' सर्किट हाउस में प्रधानमंत्री भाजपा नेताओं से मुलाकात करेंगे और वहां रात में ठहरेंगे.

पटेल ने कहा कि सोमवार को प्रधानमंत्री 400 करोड़ रुपये की लागत वाले किरण मल्टी सुपर स्पेशिएलिटी हास्पिटल एंड रिसर्च सेंटर का उद्घाटन करेंगे जिसका निर्माण एक ट्रस्ट ने किया है. मोदी उसके बाद जिले के इच्छापुर गांव में हीरा बोर्से एसईजेड जाएंगे जहां वह हरि कृष्ण एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड की हीरा पालिशिंग इकाई का उद्घाटन करेंगे.

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प्रधानमंत्री वहां से तापी जिले के बीजापुर गांव जाएंगे जहां वह सूरत जिला सहकारी दुग्ध उत्पादन संघ के मवेशी चारा संयंत्र और आइसक्रीम संयंत्र का उद्घाटन करेंगे. सूरत जिला सहकारी दुग्ध उत्पादन संघ सुमुल डेयरी के नाम से लोकप्रिय है. मोदी इसके साथ ही नवा पारदी में डेयरी उत्पाद संयंत्रों के लिए रिमोट से आधारशिला रखेंगे.

सुमुल डेयरी के अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी वहां पर एक सभा को भी संबोधित करेंगे. मोदी इसके बाद केंद्र शासित प्रदेश दादर एवं नगर हवेली स्थित सिलवासा जाएंगे जहां वह नई परियोजनाओं का उद्घाटन करने और लाभार्थियों को सहायता वितरित करने के अलावा एक सभा को भी संबोधित करेंगे.

वहां पर केंद्र की विभिन्न योजनाओं के करीब 21000 लाभार्थियों को सहायता किट का वितरण किया जाएगा. मोदी इसके बाद सौराष्ट्र के बोटाद जाएंगे जहां वह बोटाद और आसपास के जिलों के लिए साउनी परियोजना के प्रथम चरण का उद्घाटन करेंगे. वह परियोजना के दूसरे चरण की आधारशिला भी रखेंगे.

गत वर्ष अगस्त में मोदी ने महत्वाकांक्षी सौराष्ट्र नर्मदा अवतरण सिंचाई (साउली) परियोजना के प्रथम चरण का जामनगर से उद्घाटन किया था. यह परियोजना चार चरणों में विभाजित है और इसके तहत गुजरात सरकार की योजना सौराष्ट्र क्षेत्र के 115 बांधों को नर्मदा नदी पर बने सरदार सरोवर बांध के अतिरिक्त पानी से भरने की है. यह मोदी का इस वर्ष उनके गृह राज्य का दूसरा दौरा है. उन्होंने इससे पहले आठ मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर देशभर से आयी महिला सरपंचों को संबोधित करने के लिए गांधीनगर का दौरा किया था.

मुंबई (एजेंसी)। आतंकी देश की सुरक्षा में बड़ी सेंध लगाने की कोशिश में है। इस बार आतंकियों के निशाने पर देश के बड़े एयरपोर्ट हैं। मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद एयरपोर्ट पर हाई अलर्ट जारी किया गया है। तीनों ही एयरपोर्ट पर विमान हाईजैक करने की आशंका है। इस आशंका के बाद सुरक्षा तंत्र सक्रिय हो गया है। तीनों एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए सारे कदम उठाए जा रहे हैं।

बताते चलें कि एक महिला ने पुलिस को ई-मेल कर जानकारी दी है कि उसने 6 लोगों को तीनों एयरपोर्ट पर विमान हाईजैक की योजना बनाते सुना है। बातचीत में महिला ने सुना कि पहले मुंबई फिर चेन्नई और बाद में मुंबई एयरपोर्ट पर हाईजैक को अंजाम दिया जाएगा। संदिग्धों की चर्चा में इस घटना को अंजाम देने के लिए आज रविवार का दिन तय हुआ था। महिला के अनुसार कुल 23 लोगों की टीम तीनों एयरपोर्ट पर विमान हाईजैक करने की योजना में हैं।

सीआईएसएफ के महानिदेशक ओपी सिंह ने पुष्टि की है कि इन तीन एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है। सिंह ने कहा, "कई सुरक्षा उपायों को लागू भी किया जा चुका है। गश्त बढ़ाने और यात्रियों में भगदड़ न हो इसके लिए नियंत्रण व्यवस्था और मजबूद कर दी गई है। तैनात सुरक्षा कर्मियों की संख्या भी बढ़ा दी गई है।" एयरपोर्ट की सुरक्षा एजेंसियों ने भी पुलिस और अन्य बलों के साथ मिलकर यात्रियों के लिए सुरक्षा चक्र को बढ़ा दिया है।

महाराष्ट्र की एक अदालत ने दिल्ली विश्वविद्यालय के निलंबित प्रोफ़ेसर जीएन साईबाबा और चार अन्य को माओवादियों से संबंध रखने के आरोप में आजीवन कारावास की सज़ा सुनाई है.

इसके अलावा एक अन्य अभियुक्त विजय तिर्के को दस साल की सज़ा हुई है.

साईंबाबा के वकील सुरेंद्र गडलिंग ने नागपुर से फ़ोन पर बीबीसी को बताया कि महाराष्ट्र की गढ़चिरौली अदालत ने यूएपीए के सेक्शन 13, 18, 20 और 39 के तहत इन्हें दोषी पाया था.

उन्होंने बताया कि कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद ही सभी अभियुक्तों को हिरासत में ले लिया गया और उन्हें नागपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया.

गडलिंग ने साईबाबा के इलाज और मददगार देने को लेकर अदालत में एक अपील की थी, लेकिन अदालत ने इसे ख़ारिज करते हुए कहा कि उन्हें जेल मैनुअल के मुताबिक दवा और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी.

उनका कहना है कि जल्द ही इस फैसले के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच में अपील की जाएगी.

साईबाबा की पत्नी वसंथा ने बीबीसी से कहा कि उन्हें इस फैसले से हैरानी हो रही है.

उन्होंने कहा, "मैं इस मामले में रिहाई की उम्मीद कर रही थी. क्योंकि जो आरोप लगाए गए उनमें कोई दम नहीं था."

वसंथा ने कहा, "मेरे पति की सेहत अभी बहुत खराब है. दो साल तक जेल में रहने के कारण उनके किडनी में स्टोन हो गया है और उनका बायां हाथ भी सुन्न पड़ गया है. पिछले हफ्ते ही डॉक्टर ने ऑपरेशन कराने और पूरी तरह बेड रेस्ट लेने की सलाह दी है.आजीवन कारावास की सज़ा पाने वाले अन्य लोगों में जेएनयू के पूर्व छात्र हेम मिश्रा, स्वतंत्र पत्रकार एवं मानवाधारिकार कार्यकर्ता प्रशांत राही, आदिवासी महेश तिर्के और पांडु नारोट का नाम शामिल है.

हेम मिश्रा और प्रशांत राही को 2013 में गढ़चिरौली और उत्तराखंड से गिरफ्तार किया गया था. इन पर माओवादियों के साथ संबंध रखने के आरोप थे.

अंग्रेज़ी के प्रोफेसर जीएन साईबाबा को दिल्ली में उनके घर से महाराष्ट्र पुलिस ने 2014 में गिरफ्तार किया था.

वो पक्षाघात के मरीज़ हैं और 90 प्रतिशत विकलांगता की श्रेणी में आते हैं.

सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद बिगड़ती सेहत के आधार पर उन्हें जुलाई 2015 में जमानत पर रिहा किया गया था.

साईबाबा बतौर सामाजिक कार्यकर्ता, रेवोल्यूशनरी डेमोक्रेटिक फ्रंट नाम की भी एक संस्था से जुड़े रहे हैं.

जानी मानी लेखिका अरुंधती राय ने साईबाबा के बारे में लिखे एक लेख में न्यायपालिका की आलोचना की थी, जिस पर विवाद बढ़ गया था.

इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने उन्हें अवमानना का नोटिस भेजा था."

लखनऊ.यहां के ठाकुरगंज इलाके में एक संदिग्ध आतंकी को पुलिस और एटीएस ने 6 घंटे चले एनकाउंटर के बाद मार गिराया। माना जा रहा है कि यह संदिग्ध मध्य प्रदेश में एक ट्रेन में मंगलवार सुबह हुए ब्लास्ट की साजिश में शामिल था। पहले एमपी पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इसके बाद यूपी एटीएस ने कानपुर-इटावा से तीन सस्पेक्ट अरेस्ट किए। इन्हीं गिरफ्तारियों के बाद इस संदिग्ध के लखनऊ में छिपे होने का इनपुट मिला। एनकाउंटर शुरू होने के बाद ATS ने संदिग्ध से बात करने की कोशिश की। उसने कहा कि वह जान दे देगा, पर सरेंडर नहीं करेगा। इसके बाद फायरिंग तेज हो गई। रात को गैस कटर के जरिए दीवार में छेदकर एटीएस कमांडोज ने अंदर का जायजा लिया। डॉक्टरों के साथ कमांडोज घर के अंदर दाखिल हुए। इसके बाद संदिग्ध के मारे जाने की पुष्टि हुई।

04:15 PM- ठाकुरगंज इलाके में हाजी कॉलोनी के एक घर में संदिग्ध के छिपे होने की जानकारी मिली। 20 स्पेशल कमांडो ने घर घेर लिया।
04:35 PM- ऑपरेशन के दौरान आम लोगों को घर से निकलने को मना किया गया।
04:50 PM- पुलिस आतंकी को सरेंडर करने के लिए मजबूर करने की कोशिश करती रही।
04:55 PM-- एटीएस ने टियर गैस का इस्तेमाल भी किया। लेकिन आतंकी सरेंडर को राजी नहीं हुआ।
05:10 PM- कहा जा रहा है कि संदिग्ध आतंकी ISIS से जुड़ा है। इसका नाम सैफुल है।
05:30 PM- बताया जा रहा है कि आतंकी ने एटीएस के कमांडोज से कहा कि वह जान दे देगा लेकिन सरेंडर नहीं करेगा।
06:15 PM- करीब दो घंटे के एनकाउंटर के बाद दूसरी बार आतंकी के कमरे के अंदर आंसू गैस के गोले दागे गए। फायरिंग फिर तेज हुई। मिर्ची बम का भी इस्तेमाल हुआ।
06:45 PM- ATS कमांडोज की फायरिंग में संदिग्ध घायल हो गया।
07:05 PM- आस-पास के लोगों के मुताबिक इस मकान में 6 महीने से 4 लोग रह रहे थे। इसमें यह संदिग्ध आतंकी भी शामिल है।
07:25 PM- पड़ोसियों का कहना है कि इन्होंने खुद को स्टूडेंट बताकर मकान किराए पर लिया था।
07:35 PM-इलाके में लाइट कम होने के कारण जनरेटर मंगाया गया। ताकि संदिग्ध आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग न सके।
08:20 PM-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनएसजी को अलर्ट किया गया। गैस कटर भी मंगवाया गया ताकि दीवार तोड़ी जा सके।
08:55 PM-पुलिस के मुताबिक, वो इस ऑपरेशन के लिए किसी तरह की जल्दबाजी नहीं चाहती थी। क्योंकि वो आतंकी को हर हाल में जिंदा पकड़ना चाहती थी।
09:40 PM-केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने बताया कि पूरे देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
09:45 PM-यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) दलजीत चौधरी ने बताया कि ऑपरेशन खत्म हो चुका है। संदिग्ध मारा जा चुका है।

सुबह 9:30 से रात 9:30 तक 12 घंटे कैसे चला घटनाक्रम?

1) सुबह एमपी में ट्रेन में ब्लास्ट
-भोपाल से 70 किमी दूर कालापीपल में जबड़ी स्टेशन के पास मंगलवार सुबह 9 बजकर 38 मिनट पर भोपाल-उज्जैन पैसेंजर (59320) ट्रेन के जनरल कोच में ब्लास्ट हुआ। इसमें 9 लोग जख्मी हो गए। IED ब्लास्ट के बाद कोच में छेद हो गया। एमपी पुलिस ने पुष्टि की कि यह एक आतंकी हमला था। चलती ट्रेन से चार लोगों के भागने की खबर आई। 

2) दोपहर 12 बजे बाद में पिपरिया से संदिग्धों की गिरफ्तारी
- दोपहर 12.30 बजे इंटेलिजेंस इनपुट के बेस पर एमपी के पिपरिया के चेतक टोल नाके से 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। ये भोपाल के नादरा बस स्टैंड से एक बस में सवार हुए थे। बस रोककर इन संदिग्धों को पुलिस ने अरेस्ट किया और एटीएस के हवाले किया। दोपहर 2.30 बजे तक इनसे भोपाल में पूछताछ चली।
- माना जा रहा है कि इन्हीं संदिग्धों में कानपुर और लखनऊ में संदिग्धों की मौजूदगी के बारे में बताया।

3) दोपहर ढाई बजे कानपुर से अरेस्ट सस्पेक्ट ने लखनऊ के बारे में इन्फॉर्मेशन दी
- कानपुर के चकेरी थाना के तिवारीपुर ताडबगिया मोहल्ले से लखनऊ एसटीएफ की टीम ने एक संदिग्ध को अरेस्ट किया। उसका नाम फैजान बताया जा रहा है। 
- सूत्रों के मुताबिक, फैजान ने ही लखनऊ के एक घर में छिपे आतंकी के बारे में जानकारी दी। बाद में कानपुर से एक और इटावा से भी एक संदिग्ध को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया।

4) साढ़े 3 बजे लखनऊ में एनकाउंटर शुरू हुआ
- ठाकुरगंज में यूपी एटीएस ने एक मकान पर ऑपरेशन शुरू किया। घर के अंदर एक संदिग्ध मौजूद था। उससे बातचीत की कोशिश हुई। लेकिन उसने सरेंडर से इनकार कर दिया। कमांडोज ने ऑपरेशन जारी रखा।

5) रात करीब साढ़े आठ बजे
- गैस कटर के जरिए पुलिस और एटीएस ने दीवार में छेदकर अंदर का जायजा लिया। आतंकी बेहोश पड़ा था। लेकिन उसके हाथ में हथियार था।

6) रात साढ़े नौ बजे
- कमांडोज डॉक्टरों को साथ लेकर घर के अंदर दाखिल हुए। बाद में एडीजी ने संदिग्ध के मारे जाने की पुष्टि की।

क्या बोले एडीजी?
- एडीजी दलजीत चौधरी ने कहा- इनपुट मिला था कि कुछ संदिग्ध कानपुर और लखनऊ में छुपे हुए हैं। कानपुर के संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरे संदिग्ध को पुलिस ने लखनऊ में उसके घर में घेरा। उसका सरेंडर कराने की कोशिश की गई। उसके पास हथियार था।

चिली बम का भी हुआ इस्तेमाल
- एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया, ''ऐसी सूचना मिली थी कि यहां एक संदिग्ध व्यक्ति है। उसके पास कोई होस्टेज नहीं था, इसलिए हमारे पास समय था। हमने चिली बम का भी इस्तेमाल किया। उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। ऐस लगा कि उसके पास हथियार हैं। लेकिन वो अकेला था। हमें कोई जल्दी नहीं था। उसने रुक-रुककर फायरिंग की थी। हम उसे जिंदा अरेस्ट करना चाहते थे।''

कहां है ठाकुरगंज?
- जिस इलाके में एनकाउंटर चला, वो रिहायशी कॉलोनी है। कॉलोनी नई है। इसलिए लोग एक-दूसरे के बारे में ज्यादा वाकिफ नहीं हैं। घर भी दूर-दूर बने हैं। 
- ये लखनऊ का बॉर्डर एरिया है। यहां से हरदोई जिला शुरू हो जाता है। बदमाश इस इलाके में अपना ठिकाना बनाते रहे हैं।

कॉलोनी के लोगों ने क्या बताया?
- आस-पास के लोगों के मुताबिक इस मकान में 6 महीने से 4 लोग रह रहे थे। इसमें यह संदिग्ध आतंकी भी शामिल है। 
- एटीएस जब यहां पहुंची तो एक संदिग्ध ही घर में मौजूद था। बाकी के 3 लोग यहां से निकल चुके थे। 
- इनके पास कानपुर के नंबर की एक बाइक भी थी। 
- पड़ोसियों का कहना है कि इन्होंने खुद को स्टूडेंट बताकर मकान किराए पर लिया था। 
- मकान मलिहाबाद के रहने वाले बादशाह का है, जो खाड़ी के किसी देश में काम करते हैं।

फरवरी 2016 में जेएनयू में कथित देश विरोधी नारे लगाए जाने के बाद देश भर में राष्ट्रवाद पर चर्चा छिड़ गई. घटना के बाद उस समय जेएनयू के छात्र नेता कन्हैया कुमार को राष्ट्रद्रोह की धारा में गिरफ्तार किया गया. घटनाक्रम चलता रहा और आज पूरा एक साल बीतने के बाद भी जेएनयू प्रकरण मे चार्जशीट दाखिल नहीं हो पाई.

आजतक द्वारा जेएनयू में लगाए गए नारों की वॉयस सैंपल की फॉरेंसिक पड़ताल में पता चला है कि कन्हैया की आवाज उन नारों में मौजूद नहीं है, लेकिन उमर खालिद और अनिर्बान की आवाज मौजूद है. हालांकि जेएनयू कैंपस के चप्पे-चप्पे की आजतक की पड़ताल से यह भी पता चला है कि वहां अब भी कई जगह ऐसे विवादास्पद पोस्टर लगे हैं, जिन्हें देश विरोधी माना जा सकता है.
इस साल मामला उठा है दिल्ली विश्वविद्यालय में जहां करीब 20 साल की गुरमेहर कौर के एक सवाल ने पूरे सिस्टम को हिला कर रख दिया है. लेकिन एबीवीपी का आरोप है कि डीयू में भी देश विरोधी नारे लगाए गए. इन्हीं आरोपों के बीच डीयू के तार जेएनयू से जोड़े जाने लगे क्योंकि डीयू का विवाद उठा ही था जेएनयू के छात्र और जेएनयू में देश विरोधी नारों के आरोपी उमर खालिद को बुलाए जाने को लेकर.
तो आखिर ऐसा क्या है जेएनयू में जिसकी वजह से देश का एक सबसे बेहतरीन और उच्च शिक्षा संस्थान विवादों का केंद्र बन गया है? आजतक ने पूरा दिन जेएनयू कैंपस में बताया और चप्पे-चप्पे को छानकर पता लगाया उस एक्स फैक्टर का, जिसकी वजह से जेएनयू पर उंगलियां उठती हैं. जेएनयू कैंपस में घूमने पर जहां कई पोस्टर छात्रों के वाजिब अधिकारों के लिए मिलते हैं तो कई पोस्टर ऐसे हैं जो विवाद की जड़ हैं.
फ्रीडम स्क्वायर पर पोस्टर वार 
जेएनयू एडमिन ब्लॉक जिसे फ्रीडम स्क्वाॉयर के नाम से जाना जाता हैं, वहां रोहित वेमुला की तस्वीर है, तो साथ में वह पोस्टर भी हैं जो कहते हैं कि "फरवरी 2016 में हम लड़े ओर आगे भी लड़ेंगे.'
कैंपस यात्रा में आगे हमारा पड़ाव था- स्कूल ऑफ सोशल साइंस और वहां पर कुछ पोस्टर ऐसे भी मिले जो विवादास्पद थे. जहां एक पोस्टर में फांसी की सजा रोकने की मांग थी, तो एक दूसरे पोस्टर में गुजरात और मुजफ्फरनगर दंगों के लिए आरएसएस और बीजेपी को जिम्मेदार बताते हुए हमला बोला गया है. अभ‍िव्यक्ति की आजादी की मांग के बीच छात्र राजनीति का ये चेहरा और वो भी विश्वविद्यालय के भीतर, एक सवाल जरूर खड़ा करता है.
इसी ब्लॉक में आगे हमें एबीवीपी के वो पोस्टर दिखे, जो तमाम आतंकी संगठनों को एक बताते हैं, तो दूसरे गुट BASO के पोस्टर में 50 साल के नक्सलबाड़ी आंदोलन की बात कहते हुए लिखा गया है कि नक्सलबाड़ी आंदोलन कभी खत्म नहीं होगा. इस पोस्टर को नक्सलबाड़ी आंदोलन के समर्थन में लगाया गया है. BASO वही संगठन है जिससे उमर खालिद जुडे़ हैं.
कश्मीर के लिए आजादी वाले पोस्टर 
स्कूल ऑफ सोशल साइंस में ही हमें वो तस्वीर दिखी जो जेएनयू को विवादों के घेरे में खड़ा करती है. इस पोस्टर पर लिखा है- 'कश्मीर के लिए आजादी.' यह वही विवादास्पद नारा है जो फरवरी 2016 में जेएनयू में गूंजा था और हाल ही में रामजस कॉलेज में. पोस्टर पर साफ-साफ लिखा है, कश्मीर के लिए आजादी और फिलिस्तीन की आजादी, जिसे लगाया है डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन (डीएसयू) ने.

वामपंथी छात्र गुट एसएफआई की नेता दीप्शिता कहती हैं कि ये उन छात्रों की अभिव्यक्ति की आजादी है जो कश्मीर की आजादी की वकालत करते हैं, लेकिन जरूरी नहीं की पूरा जेएनयू इसकी हिमायत करे. दीप्शिता का कहना है कि एक बड़ा गुट है जो यह मानता है कि कश्मीर से सेना हटे, लेकिन भारत से कश्मीर की आजादी कोई नहीं मांगता. हालांकि, जेएनयू में लगा ये पोस्टर एसएफआई के इस दावे को नकारता है.

इस विवादास्पद पोस्टर से पता चलता है कि आखिर क्यों जेएनयू में कथित देश विरोधी नारे लगते हैं और क्यों जेएनयू पर सवाल उठते हैं. डीएसयू वहीं संगठन है जिससे उमर खालिद और अनिर्बान जुड़े थे, जो जेएनयू नारेबाजी मामले में आरोपी भी हैं. हालांकि दोनों साल 2015 के अंत में ही डीएसयू से इस्तीफा दे दिया था.

अधिकारों और देश के खिलाफ पोस्टर और नारों के विवाद पर बोलते हुए जेएनयू के छात्र संदीप और महेश कहते हैं कि हर वह चीज विवादास्पद लगती है जो किसी के खिलाफ हो. दोनों का मानना है कि जेएनयू में हर बात पर चर्चा होती है. कश्मीर पर भी चर्चा होती है, लेकिन कश्मीर की भारत से आजादी पर उनकी राय पोस्टर की तरफ साफ नहीं है. संदीप का कहना है कश्मीर में लोगों के अधिकारों पर बात होनी चाहिए.

वहीं दूसरे छात्र गुट एबीवीपी का दावा है कि जेएनयू में कई बार ऐसी गतिविधियां हुई हैं जो आपत्तिजनक हैं और देश के खिलाफ हैं. तमाम आरोपों और दावों के बीच जेएनयू के से विवादास्पद पोस्टर ही वे बड़ी वजह हैं, जो हर बार विवादों को जन्म देते हैं.

लाहौर। पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारत ने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों की दोबारा जांच करने के साथ ही हाफिज सईद पर फिर से केस चलाने के लिए कहा है। पाकिस्तान की ओर से 24 भारतीय गवाहों का बयान रिकॉर्ड कराने के लिए भेजे गए आग्रह के जवाब में भारत ने यह मांग रखी है। पाकिस्तानी गृह मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, भारत ने हमारे आग्रह को तवज्जो देने की बजाय मामले की फिर से जांच की मांग की है।

साथ ही सईद और उपलब्ध कराए गए साक्ष्य के आधार पर लश्कर-ए-तय्यबा कमांडर जकीउर रहमान लखवी पर मुकदमा चलाने की भी मांग की है। पाकिस्तान ने 30 जनवरी को सईद और जमात-उद-दावा व फलाह-ए-इंसानियत के चार नेताओं को नजरबंद कर दिया था।

मुंबई हमले के बाद भी सईद नजरबंद किया गया था, लेकिन 2009 में अदालत ने उसे रिहा कर दिया। पाकिस्तानी गृह मंत्राालय के अधिकारी ने कहा कि मामले को निष्कर्ष तक पहुंचाने के लिए भारतीय गवाहों के बयान की जरूरत है। यदि सुबूत हो तो पाकिस्तान को मुंबई हमले में किसी पर भी मुकदमा चलाने में कोई दिक्कत नहीं है।

भारत हाफिज के खिलाफ ठोस सुबूत देता है तो हम उसके खिलाफ भी मुकदमा चलाने की कोशिश करेंगे। लखवी को भी ठोस सुबूतों के अभाव में ही जमानत मिली थी। गौरतलब है कि भारत कई बार इस मामले की जल्द से जल्द सुनवाई पूरी करने का आग्रह पाकिस्तान से कर चुका है।

भारत का कहना है कि गुनहगारों को सजा दिलाने के लिए पाकिस्तान के साथ काफी प्रमाण साझा किए गए हैं। इसके बावजूद पाकिस्तान किसी न किसी बहाने मामले की सुनवाई टालता रहता है। सोमवार को लगातार 17वीं बार इस मामले की आतंकरोधी अदालत में सुनवाई नहीं हुई।

अब आठ मार्च की सुनवाई में अदालत को भारत के जवाब से अवगत कराए जाने की उम्मीद है। नवंबर 2008 में मुंबई में कई जगहों पर हुए हमले में 166 लोग मारे गए थे। लश्कर के 10 आतंकियों ने इसे अंजाम दिया था।

इनमें से नौ को पुलिस ने मार गिराया था। जीवित पकड़ा गया एकमात्र हमलावर अजमल कसाब फांसी पर लटकाया जा चुका है।

वहीं, पाकिस्तान में हमले के मास्टरमाइंड लखवी को करीब 22 महीने पहले जमानत दे दी गई थी। फिलहाल वह किसी अज्ञात जगह पर है। मामले के छह अन्य आरोपी रावलपिंडी के अदियाला जेल में बंद हैं।

वहीं अमेरिका भी मुंबई हमलों की जांच को लेकर कई बार असंतोष जता चुका है। पाकिस्तान को कई बार कहा जा चुका है कि दोषियों को सजा जरूर दी जाना चाहिए, लेकिन पाक ने अब तक गंभीरता नहीं दिखाई है।

मध्य प्रदेश के दमोह में एसबीआई के एटीएम से बिना सीरियल नंबर के 500 रुपए के नोट निकले। नारायण प्रसाद अहीरवाल नाम के शख्स ने एक एटीएम मशीन से 1000 रुपए की राशि निकाली। उन्हें 500-500 के दो नोट मिले, लेकिन दोनों नोटों में सीरियल नंबर गायब था।नोटबंदी के बाद से कई बार 500 और 2000 के नए नोटों की कॉफी पकड़े जाने की घटना सामने आई है। हाल ही में दिल्ली के संगम विहार इलाके में एसबीआई के एटीएम से 2000 रुपए के असली नोटों की जगह ‘चूरन’ वाले नोट (चिल्ड्रेन बैंक ऑफ इंडिया लिखे नोट) निकलने की खबर आई थी। अब मध्य प्रदेश के दमोह में बिना सीरियल नंबर लिखे हुए 500 रुपए के नोट निकलने का मामला सामने आया है। नोटबंदी के बाद जहां लोगों को पैसों के लिए अभी भी लंबी-लंबी लाइनें लगानी पड़ रही हैं। वहीं, बैंकों के एटीएम से इस तरह के नोट निकलने से लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।

मध्य प्रदेश के दमोह में एसबीआई के एटीएम से बिना सीरियल नंबर के 500 रुपए के नोट निकले। नारायण प्रसाद अहीरवाल नाम के शख्स ने एक एटीएम मशीन से 1000 रुपए की राशि निकाली। उन्हें 500-500 के दो नोट मिले, लेकिन दोनों नोटों में सीरियल नंबर गायब था। इसके बाद दो और लोगों ने नोटों को जांचने के लिए 1000 रुपए निकाले। इस तरह पांच सौ के 6 नोट बगैर नंबर के निकलने से आसपास हड़कंप जैसे हालात पैदा हो गए। स्थिति को संभालने के लिए बैंक के कैशियर सुनील जैन को दखल देना पड़ा। वहीं पुलिस ने बिना नंबर वाले नोट निकलने के बाद एटीएम को बंद करवा दिया। कैशियर सुनिल जैन ने बताया कि इस मामले में जांच करा कर पता किया जा रहा है कि नोट नकली है या गलत प्रिंटिग के कारण ऐसा हुआ है।

नोटों को लेकर पहले भी हुईं शिकायतें
कुछ दिन पहले यूपी के शाहजहांपुर में एसबीआई के एटीएम से 2000 रुपए के नकली नोट निकलने का मामला सामने आया था। इस घटना का खुलासा उस समय हुआ जब एक शख्स ने एटीएम मशीन से 10000 रुपए निकाले तो एटीएम से 2 हजार रुपए के 5 नोट निकले। इसमें एक नोट नकली था। व्यक्ति का दावा है कि नोट उस कागज पर नहीं छपा हुआ था, जिस पर कागज पर असली नोट छापा जाता है। वहीं, बैंक ने इससे इंकार किया है। इससे पहले दिल्ली के संगम विहार में एसबीआई के एटीएम से चूरन वाले नोट निकलने का मामला सामने आया था। जिसमें पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया था।


देश में नोटबंदी के फैसले के बाद आज 10वां दिन है. कैश को लेकर लोगों की समस्याएं जस की तस है. एटीएम और बैंक की ब्रांचों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं और कैश की कमी के चलते कारोबार से लेकर तमाम जरूरी काम बाधित दिख रहे हैं. लोगों को राहत देने के लिए सरकार कई तरह के कदम उठा रही है. सरकार के एक ताजा फैसले के अनुसार अब आपको पेट्रोल पंप से तेल ही नहीं कैश भी मिलेगा. नए आदेश के मुताबिक, आप पेट्रोल पंप पर अपना डेबिट कार्ड स्वाइप करके 2000 रुपये प्राप्त निकाल सकते हैं.

कैसे मिलेगा पेट्रोल पंप पर कैश
इसके लिए आपको सरकारी कंपनी के पेट्रोल पंप पर जाकर अपना डेबिट कार्ड स्वाइप करना होगा और 2,000 रुपये आपको मिल जाएंगे. शुरुआती दौर में यह सुविधा देश भर के 2,500 पेट्रोल पंपों पर दी गई है, जहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्वाइप मशीनें उपलब्ध हैं. अगले तीन दिनों में यह सुविधा देश के 20,000 पेट्रोल पंपों पर मिलने लगेगी, जिनके पास एचडीएफसी, सिटीबैंक और आईसीआईसीआई बैंक की कार्ड स्वाइप मशीनें उपलब्ध होंगी.

भीड़ कम करने के लिए कदम
500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद किए जाने के बाद देश भर में एटीएम और बैंकों पर नकद निकासी को लेकर भीड़ लगी हुई है. इसी वजह से ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार को इस तरह का सुझाव दिया था. इससे भीड़ कुछ हद तक कम हो सकेगी.

शादी के लिए नहीं मिल रहा कैश
गुरुवार को सरकार ने उन लोगों को जिनके घरों में शादियां है राहत देते हुए ऐलान किया था कि बैंक से ढाई लाख रुपये कैश निकाल सकेंगे. हालांकि, शुक्रवार को कई जगहों पर जब लोग शादी के कार्ड के साथ बैंक पहुंचे तो बैंककर्मियों ने इसका आदेश मिलने से इनकार कर दिया. दिल्ली के रमेश चंद्रा आईसीआईसीआई बैंक के सीपी ब्रांच में पहुंचे थे बेटी की शादी के लिए पैसे निकालने लेकिन बैंककर्मियों ने कहा कि उन्हें आरबीआई की ओर से अभी कोई आदेश मिला नहीं है.

नोट बदलने की लिमिट घटी
गुरुवार को सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया. शुक्रवार से बैंकों में लोग 2000 तक ही पुराने नोट बदल सकेंगे. पहले ये लिमिट 4500 रुपये थी. इसके अलावा शादी वाले घरों और किसानों को राहत देने के लिए भी सरकार ने कई फैसले किए हैं.

ये हैं नोटबंदी पर सरकार के ताजा फैसले-
-नोट बदलवाने की घटी लिमिट, अब 2000 रुपए तक के पुराने नोट बदलवाए जा सकेंगे.
-30 दिसंबर तक एक शख्स सिर्फ एक बार ही नोट बदलवा सकेगा.
-शादी वाले घरों में लोग ढाई लाख तक कैश बैंक से निकाल सकेंगे. हालांकि, इसके लिए खाते का केवाईसी अपडेट होना जरूरी होगा.
-कृषि उपज से हुई कमाई में से किसान एक हफ्ते में 25,000 रुपए चेक से निकाल सकेंगे.
-कृषि मंडी के रजिस्टर्ड ट्रेडर्स एक हफ्ते में 50,000 रुपए निकाल सकते हैं.
-ग्रुप सी के सरकारी कर्मचारियों को भी राहत देने का फैसला हुआ है. वे 10,000 रुपए की एडवांस सैलरी कैश में निकाल सकते हैं.

जेटली बोले- रोलबैक का सवाल ही नहीं
इस बीच, विपक्ष के हमलों के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ किया है कि नोटबंदी का फैसला वापस नहीं लिया जाएगा. नोटबंदी की जानकारी चुनिंदा लोगों के लिए लीक किए जाने के आरोप को गलत बताते हुए जेटली ने संयुक्त संसदीय समिति से जांच की मांग को भी नकार दिया. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि कुछ दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी के फैसले पर हो रहे काम की समीक्षा के लिए बैठक भी बुलाई है.

बैंकों के पास पर्याप्त करंसी'
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि रिजर्व बैंक के पास पर्याप्त पैसा है और एटीएम मशीनों में युद्ध स्तर पर बदलाव किया जा रहा है. उन्होंने कहा, 'थोड़े दिनों में सभी एटीएम में पैसा होगा और लोगों की दिक्कतें खत्म हो जाएंगी.' अरुण जेटली ने ये भी कहा कि सरकार फिलहाल 1000 के नए नोट जारी करने नहीं जा रही है. वित्त मंत्री ने ये भी कहा कि गुरुवार को 22,500 एटीएम अपडेट कर लिए जाएंगे. देश में 2 लाख एटीएम हैं.


देश में नोटबंदी के फैसले के बाद आज 10वां दिन है. कैश को लेकर लोगों की समस्याएं जस की तस है. एटीएम और बैंक की ब्रांचों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं और कैश की कमी के चलते कारोबार से लेकर तमाम जरूरी काम बाधित दिख रहे हैं. लोगों को राहत देने के लिए सरकार कई तरह के कदम उठा रही है. सरकार के एक ताजा फैसले के अनुसार अब आपको पेट्रोल पंप से तेल ही नहीं कैश भी मिलेगा. नए आदेश के मुताबिक, आप पेट्रोल पंप पर अपना डेबिट कार्ड स्वाइप करके 2000 रुपये प्राप्त निकाल सकते हैं.

कैसे मिलेगा पेट्रोल पंप पर कैश
इसके लिए आपको सरकारी कंपनी के पेट्रोल पंप पर जाकर अपना डेबिट कार्ड स्वाइप करना होगा और 2,000 रुपये आपको मिल जाएंगे. शुरुआती दौर में यह सुविधा देश भर के 2,500 पेट्रोल पंपों पर दी गई है, जहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की स्वाइप मशीनें उपलब्ध हैं. अगले तीन दिनों में यह सुविधा देश के 20,000 पेट्रोल पंपों पर मिलने लगेगी, जिनके पास एचडीएफसी, सिटीबैंक और आईसीआईसीआई बैंक की कार्ड स्वाइप मशीनें उपलब्ध होंगी.

भीड़ कम करने के लिए कदम
500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को बंद किए जाने के बाद देश भर में एटीएम और बैंकों पर नकद निकासी को लेकर भीड़ लगी हुई है. इसी वजह से ऑल इंडिया पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने सरकार को इस तरह का सुझाव दिया था. इससे भीड़ कुछ हद तक कम हो सकेगी.

शादी के लिए नहीं मिल रहा कैश
गुरुवार को सरकार ने उन लोगों को जिनके घरों में शादियां है राहत देते हुए ऐलान किया था कि बैंक से ढाई लाख रुपये कैश निकाल सकेंगे. हालांकि, शुक्रवार को कई जगहों पर जब लोग शादी के कार्ड के साथ बैंक पहुंचे तो बैंककर्मियों ने इसका आदेश मिलने से इनकार कर दिया. दिल्ली के रमेश चंद्रा आईसीआईसीआई बैंक के सीपी ब्रांच में पहुंचे थे बेटी की शादी के लिए पैसे निकालने लेकिन बैंककर्मियों ने कहा कि उन्हें आरबीआई की ओर से अभी कोई आदेश मिला नहीं है.

नोट बदलने की लिमिट घटी
गुरुवार को सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया. शुक्रवार से बैंकों में लोग 2000 तक ही पुराने नोट बदल सकेंगे. पहले ये लिमिट 4500 रुपये थी. इसके अलावा शादी वाले घरों और किसानों को राहत देने के लिए भी सरकार ने कई फैसले किए हैं.

ये हैं नोटबंदी पर सरकार के ताजा फैसले-
-नोट बदलवाने की घटी लिमिट, अब 2000 रुपए तक के पुराने नोट बदलवाए जा सकेंगे.
-30 दिसंबर तक एक शख्स सिर्फ एक बार ही नोट बदलवा सकेगा.
-शादी वाले घरों में लोग ढाई लाख तक कैश बैंक से निकाल सकेंगे. हालांकि, इसके लिए खाते का केवाईसी अपडेट होना जरूरी होगा.
-कृषि उपज से हुई कमाई में से किसान एक हफ्ते में 25,000 रुपए चेक से निकाल सकेंगे.
-कृषि मंडी के रजिस्टर्ड ट्रेडर्स एक हफ्ते में 50,000 रुपए निकाल सकते हैं.
-ग्रुप सी के सरकारी कर्मचारियों को भी राहत देने का फैसला हुआ है. वे 10,000 रुपए की एडवांस सैलरी कैश में निकाल सकते हैं.

जेटली बोले- रोलबैक का सवाल ही नहीं
इस बीच, विपक्ष के हमलों के बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने साफ किया है कि नोटबंदी का फैसला वापस नहीं लिया जाएगा. नोटबंदी की जानकारी चुनिंदा लोगों के लिए लीक किए जाने के आरोप को गलत बताते हुए जेटली ने संयुक्त संसदीय समिति से जांच की मांग को भी नकार दिया. उन्होंने भरोसा दिलाया है कि कुछ दिनों में हालात सामान्य हो जाएंगे. प्रधानमंत्री मोदी ने नोटबंदी के फैसले पर हो रहे काम की समीक्षा के लिए बैठक भी बुलाई है.

बैंकों के पास पर्याप्त करंसी'
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि रिजर्व बैंक के पास पर्याप्त पैसा है और एटीएम मशीनों में युद्ध स्तर पर बदलाव किया जा रहा है. उन्होंने कहा, 'थोड़े दिनों में सभी एटीएम में पैसा होगा और लोगों की दिक्कतें खत्म हो जाएंगी.' अरुण जेटली ने ये भी कहा कि सरकार फिलहाल 1000 के नए नोट जारी करने नहीं जा रही है. वित्त मंत्री ने ये भी कहा कि गुरुवार को 22,500 एटीएम अपडेट कर लिए जाएंगे. देश में 2 लाख एटीएम हैं.



नई दिल्ली. नोटबंदी का गुरुवार को नौवां दिन है। इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी शक्तिकांत दास ने 3 बड़े एलान किए- 'खाद-बीज के लिए किसान हर हफ्ते 25 हजार रुपए निकाल सकते हैं। शादी के लिए ढाई लाख तक निकाल सकते हैं। पैसे निकालते वक्त शादी का कार्ड दिखाना होगा। बैंक से अब शुक्रवार से 2 हजार रुपए तक के पुराने नोट ही बदले जा सकेंगे।' बता दें कि अभी तक बैंक से 4500 रुपए तक के पुराने नोट बदले जा रहे थे। सरकार के नए एलान...

# आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने कहा, 'खेती हमारी इकोनॉमी का प्रमुख हिस्सा है। रबी की फसल की बुआई का मौसम है। इस बार बारिश अच्छी हुई है, इसका एग्रीकल्चर पर अच्छा असर पड़ेगा।'


# 'सरकार ने फसल बीमा प्रीमियम की सीमा को 15 दिन बढ़ाने का फैसला लिया है। खाद-बीज के लिए किसान हर हफ्ते 25 हजार रुपए निकाल सकते हैं।'


# 'जिनके यहां शादी है, वे ढाई लाख रु. तक निकाल सकते हैं। पैसे निकालते वक्त शादी का कार्ड दिखाना होगा। ये पैसा माता या पिता में से कोई निकाल सकता है।'


# '18 नवंबर से 2 हजार तक के पुराने नोट ही बदले जाएंगे। अभी 4500 तक के पुराने बदले जा रहे हैं।'


# 'ग्रुप सी तक के गवर्नमेंट इम्प्लॉइज 10 हजार तक की सैलरी एडवान्स में निकाल सकेंगे। ये उनकी नवंबर की सैलरी में एडजस्ट हो जाएगा।'


# 'सभी एटीएम को अपडेट करने के लिए टास्क फोर्स एक रोडमैप तैयार करेगा। उम्मीद है कि काम जल्दी पूरा कर लिया जाएगा।'

#ये भी साफ किया गया, '30 दिसबंर तक एक शख्स दो हजार रुपए के पुराने नोट बदल सकेगा।'

नोटबंदी के बाद मंगलवार को सरकार के एलान की 7 बड़ी बातें...

1# वोटिंग की तरह पैसा बदलवाने पर लगेगी इंक

- इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी शक्तिकांत दास ने कहा, ''कुछ लोग एक ही ग्रुप/लोगों को पैसा जमा करने के लिए बार-बार बैंक भेज रहे हैं। इससे लंबी लाइन लग जा रही है।''

- ''इस कारण फैसला लिया गया है। इसके बारे में बैंकों को ऑपरेशनल इंस्ट्रक्शन भेज दिए गए हैं। कुछ लोगों ने बार-बार पैसा जमा कराने का धंधा बना रखा है।''

2# इस सवाल का सीधा जवाब टाल गए सेक्रेटरी

- सरकार ने सोमवार को एक हाई लेवल मीटिंग के बाद फैसला लिया था कि 500/1000 के पुराने नोट अब प्राइवेट फार्मेसी स्टोर्स पर भी चलेंगे। 

- हालांकि, मंगलवार को जब इकोनॉमिक अफेयर्स सेक्रेटरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस किया तो वे इस सवाल का जवाब टाल गए कि आखिर क्यों कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल और मेडिकल स्टोर 500-1000 के पुराने नोट नहीं ले रहे हैं। 

- जब मीडियाकर्मियों ने उनसे जोर देकर सवाल किया तो उन्होंने कहा कि सरकारी हॉस्पिटलों में पुराने नोट इस्तेमाल करने की फैसिलिटी अवेलेबल है। अगर कुछ सरकारी हॉस्पिटल या फार्मेसी स्टोर ये फैसिलिटी नहीं दे रहे हैं और उनके स्पेसिफिक मामले सामने आएंगे तो हम कार्रवाई करेंगे।

- इस जवाब में उन्होंने प्राइवेट हॉस्पिटल और प्राइवेट मेडिकल स्टोर्स का जिक्र नहीं किया।

3# मंदिर से जमा होने वाले पैसे पर नजर

- दास ने कहा, ''देश के मंदिरों और ट्रस्टों से जमा होने वाले पैसे पर नजर रखी जा रही है।''

- ''साथ ही, मंदिरों और जहां दान का पैसा मिलता है, उनसे कहा गया है कि छुट्टे पैसे बैंकों में जमा कराएं। इससे सिस्टम में लिक्विडिटी आएगी।''

4# जनधन खातों पर नजर

- सरकार जनधन खातों पर नजर रखे हुए है, ताकि इसमें कालाधन न जमा हो जाए।

- दास ने कहा, ''जनधन खाताधारकों से अपील है कि वे अपने अकाउंट का गलत इस्तेमाल करने से बचें।''

- ''जनधन में एक बार में डिपॉजिट लिमिट 50 हजार है। कई खातों में अभी तक 49 हजार रुपए जमा हो चुके हैं। ऐसे खातों पर हमारी नजर है।''


5# शादी में शगुन के लिए चेक दें

- शादी जैसे प्रोग्राम में कैश की कमी के सवाल पर सरकार का कहना है कि शगुन चेक में दें। वहीं, इंडिविजुअल्स एक हफ्ते में 24 हजार रुपए निकाल सकते हैं। कारोबारियों के लिए विदड्रॉल लिमिट 50 हजार रुपए रखी गई है।

- बता दें कि इस वक्त शादियों का मौसम है, जिसके कारण कई परिवारों को कैश न होने की तकलीफ उठानी पड़ रही है।

6# जरूरी सेवाओं के लिए 24 नवंबर तक लिए जाएं पुराने नोट, नहीं तो होगी कार्रवाई

- दास ने कहा, ''अगर कोई सरकारी हॉस्पिटल या फॉर्मेसी 500-1000 के पुराने नोट नहीं लेता है (24 नवंबर तक), तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।''

- ''पहले की घोषणा के मुताबिक, पुराने नोट 24 नवंबर तक चलेंगे।''

7# नए नोटों का कलर निकलने पर

- सोशल मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि 2000 के नए नोट का रंग निकल रहा है। इस पर सरकार ने कहा कि पुराने नोट में भी रंग निकलता था।

- दास ने कहा, ''हम जिस स्याही का इस्तेमाल करते हैं, उसे आप थोड़ा कॉटन से रगड़ेंगे तो नोट से कलर निकलेगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो वह करंसी फेक हो सकती है।''

इंक लगाए जाने पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

- इस बीच, कांग्रेस ने निशान लगाए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाया।

- मंगलवार को कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, ''नाखून पर इंक लगाने जा रहे हैं, इसका कानून के साथ ताल्लुक नहीं है।''

- ''मैं अपने पैसे क्यों नहीं एक्सचेंज कर सकता हूं? कैसे आप रोक सकते हैं?''



विदेश मंत्री सुषमा स्वराज दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में भर्ती हैं. बुधवार को उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी कि उनकी किडनी फेल है और एम्स में डायलिसिस चल रहा है. सुषमा स्वराज ने कहा कि एम्स में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए टेस्ट चल रहा है. उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण उनकी रक्षा करेंगे.

विदेश मंत्री को सात नवंबर को एम्स में भर्ती कराया गया था और वहां डॉक्टरों की एक टीम उनका ख्याल रख रही है. कार्डियो थोरैकिक सेन्टर के प्रमुख बलराम एरान की निगरानी में सुषमा को अस्पताल के कार्डियो-न्यूरो सेंटर में भर्ती कराया गया है.

इससे पहले एम्स के सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि, ‘उनकी हालत स्थिर है. डायबिटीज की पुरानी बीमारी के कारण उनकी किडनी में दिक्कतें आ रही हैं. उनका डायलिसिस किया जा रहा है.’ माना जा रहा है कि अगले कुछ दिन तक वह अस्पताल में ही रहेंगी. बुधवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद ट्वीट कर अपना हेल्थ अपडेट दिया है.


I am in AIIMS because of kidney failure. Presently, I am on dialysis. I am undergoing tests for a Kidney transplant. Lord Krishna will bless— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) 16 नवंबर 2016

सुषमा स्वराज पिछले 20 सालों से मधुमेह से पीड़ित हैं. बीजेपी की 64 वर्षीय नेता को अप्रैल में भी एम्स में भर्ती किया गया था. तब उन्हें न्यूमोनिया और अन्य दिक्कतें थीं.



विदेश मंत्री सुषमा स्वराज दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में भर्ती हैं. बुधवार को उन्होंने ट्वीट कर जानकारी दी कि उनकी किडनी फेल है और एम्स में डायलिसिस चल रहा है. सुषमा स्वराज ने कहा कि एम्स में किडनी ट्रांसप्लांट के लिए टेस्ट चल रहा है. उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण उनकी रक्षा करेंगे.

विदेश मंत्री को सात नवंबर को एम्स में भर्ती कराया गया था और वहां डॉक्टरों की एक टीम उनका ख्याल रख रही है. कार्डियो थोरैकिक सेन्टर के प्रमुख बलराम एरान की निगरानी में सुषमा को अस्पताल के कार्डियो-न्यूरो सेंटर में भर्ती कराया गया है.

इससे पहले एम्स के सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि, ‘उनकी हालत स्थिर है. डायबिटीज की पुरानी बीमारी के कारण उनकी किडनी में दिक्कतें आ रही हैं. उनका डायलिसिस किया जा रहा है.’ माना जा रहा है कि अगले कुछ दिन तक वह अस्पताल में ही रहेंगी. बुधवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने खुद ट्वीट कर अपना हेल्थ अपडेट दिया है.


I am in AIIMS because of kidney failure. Presently, I am on dialysis. I am undergoing tests for a Kidney transplant. Lord Krishna will bless— Sushma Swaraj (@SushmaSwaraj) 16 नवंबर 2016

सुषमा स्वराज पिछले 20 सालों से मधुमेह से पीड़ित हैं. बीजेपी की 64 वर्षीय नेता को अप्रैल में भी एम्स में भर्ती किया गया था. तब उन्हें न्यूमोनिया और अन्य दिक्कतें थीं.


कालेधन पर सर्जिकल स्ट्राइक के बाद अब सरकार की नजर छुपे हुए काले धनकुबेरों पर है. आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने काले धन को सफेद करने की जांच शुरु कर दी है.

आयकर विभाग और ईडी की जांच
आयकर विभाग और ईडी अब 8 से 10 नवंबर तक सोना खरीदने और बेचने वालों का वेरीफिकेशन करने जा रहा है. साथ ही दोनों विभाग इन 3 दिनों में सोना, हीरा और विदेशी मुद्रा खरीदने वालों की जांच करने की तैयारी में है.

काले धन को खपाने की कोशिशों पर नजर
दरअसल 8 नवंबर को पीएम नरेंद्र मोदी के 500 और 1000 के नोट बैन के एलान के बाद काले धनकुबेर अचानक सकते में आ गए. देर रात से ही लोगों ने फौरन अपने पास रखे 500 और 1000 के नोटों को सोने, हीरे और विदेशी मुद्राओं में बदलना शुरु कर दिया. इसी बीच 'आजतक' के 'ऑपरेशन गोल्ड' ने दिल्ली समेत कई शहरों में सोने की कालाबाजारी की पोल खोल दी.

लिस्ट तैयार
काले धन के बदलते रुप से चिंतित आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय अब काले धनकुबेरों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक करने जा रहा है. दरअसल आयकर विभाग और ईडी के अधिकारी उन लोगों की फेहरिस्त तैयार करने में जुटे हैं, जिन लोगों ने 8 से 10 नवंबर के बीच सोना, हीरा और विदेशी मुद्रा की खरीद-फरोख्त की है. विभाग पहले इनका वेरीफिकेशन करने जा रहा है.

सबको देना होगा हिसाब
जिसके बाद संबंधित लोगों को खरीद-फरोख्त की रकम का हिसाब देना होगा और बताना होगा कि उनके पास यह पैसा कहां से आया. वहीं आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय ज्वैलर्स और धार्मिक संस्थानों पर भी खासा नजर बनाए हुए हैं. बता दें कि आयकर विभाग और ईडी दिल्ली, मुंबई समेत कई महानगरों से छापेमारी के दौरान कब्जे में लिए गए दस्तावेजों का आंकलन कर रहा है.

जनधन खातों पर भी नजर
वहीं आयकर विभाग की उन खातों पर भी नजरें हैं, जो प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खोले गए थे. दरअसल विभाग नोटबंदी के एलान के बाद खातों में जमा की गई रकम और संबंधित खाताधारक की इनकम का मिलान करेगा. जिसके बाद फॉर्म में दिख रहे आयकर विभाग ने काले धनकुबेरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं.


नई दिल्‍ली : पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में लक्षित हमले (सर्जिकल स्‍ट्राइक) के बाद से जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाक की ओर से निरंतर गोलीबारी की जा रही है। वहीं, भारतीय सेना भी पाक सेना की ओर से की जा रही गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दे रही है।

अब पाक मीडिया के हवाले से यह खबर आ रही है कि पाकिस्‍तानी सेना के सात सैनिक मारे गए हैं। पाक एजेंसी आईएसपीआर के हवाले से यह खबर आई है।
एजेंसी ने एक बयान में कहा है कि भारत ने सीजफायर उल्‍लंघन करते हुए सीमा पार फायरिंग की जिसमें पाक के सात सैनिक मारे गए हैं। जानकारी के अनुसार, नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई में पाक सेना के जवान मारे गए हैं। भीमबेर सेक्‍टर में जवाबी कार्रवाई में पाक सेना के सात सैनिक ढेर किए गए हैं।

इससे पहले, उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर किए गए संघर्ष विराम के उल्लंघन में बीते दिनों सेना का एक जवान शहीद हो गया। केरन सेक्टर में पाकिस्तानी सैनिकों ने गोलीबारी कर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया। इस घटना में सेना का जवान हर्शिद बदार्या की जान चली गई।

बता दें कि पाकिस्तान सर्जिकल स्‍ट्राइक के बाद से 286 बार गोलीबारी कर चुका है। इन हमलों में 14 सुरक्षाकर्मियों समेत 26 लोगों की जान चली गई।

पाकिस्तानी सैनिकों की ओर से जम्मू में 190 किलोमीटर से भी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर 186 बार संघर्ष विराम उल्लंघन और 500 किलोमीटर से भी लंबी नियंत्रण रेखा पर 104 बार संघर्ष विराम उल्लंघन हो चुका है।

लक्षित हमले के बाद से कठुआ, सांबा और जम्मू जिलों में नागरिक क्षेत्रों एवं बीओपी को निशाना बनाते हुए पाक रेंजर्स ने 182 बार संघर्ष विराम उल्लंघन किया। 120 बार मोर्टार बम दागे और स्वचालित हथियारों से गोलीबारी की जिससे कई नागारिकों और सुरक्षाकर्मियों की जान चली गयी तथा महिलाओं एवं बच्चों समेत कई घायल हो गए। मवेशी भी मारे गए और मकानों को भी बड़ा नुकसान पहुंचा। गोलीबारी एवं गोलाबारी के चलते बड़ी संख्या में लोगों को अपना घर-बार छोड़ना पड़ा, फसलों की कटाई रुक गयी, शादी-ब्याह पर बड़ा बुरा असर पड़ा। भारत और पाकिस्तान ने 2003 में जम्मू कश्मीर में भारत-पाकिस्तान सीमा पर गोलीबारी नहीं करने संबंधी संधि की थी।

सबसे भयंकर पाकिस्तानी गोलीबारी एक नवंबर को नागरिक क्षेत्रों पर हुई जब जम्मू कश्मीर के पांच सेक्टरों में अंतरराष्ट्रीय सीमा एवं नियंत्रण रेखा पर दो बच्चों एवं चार महिलाओं समेत आठ व्यक्तियों की जान चली गयी और 22 अन्य घायल हो गए। भारतीय सैनिकों ने मुंहतोड़ जवाब दिया और 14 पाकिस्तानी चौकियां ध्वस्त कर दीं एवं दो प्रहरी मारे गए।


पणजी. नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी को लेकर एकबार फिर बयान दिया है। रविवार को उन्होंने गोवा में एक प्रोग्राम के दौरान कहा, ''सरकार बनाते ही मैंने काले धन पर कदम उठाया था। मेरी कैबिनेट के पहले दिन ही मैंने एसआईटी गठित की। मैं देश को कभी अंधेरे में नहीं रखा। गलतफहमी में नहीं रखा। खुलकर ईमानदारी से बात कही। और सबको पता था कि इस फैसले से लोगों को तकलीफ होगी।50 दिन में देश की पूरी सफाई नहीं हुई तो सजा भुगतने के लिए तैयार हूं।'' मोदी ने कहा- मैं जानता हूं कि किससे लड़ाई मोल ली, वो मुझे जिंदा नहीं छोड़ेंगे...

- पीएम ने कहा, " ईमानदारी के इस काम में अपनी ताकत दिखाएं। भाइय़ों मैं जानता हूं कि मैंने कैसेी कैसी ताकतों से लड़ाई मोल ली है।
- "मैं जानता हूं कैसे-कैसे लोग खिलाफ होंगे, मुझे जिंदा नहीं छोड़ेंगे, मुझे बर्बाद कर देंगे। भाइयों 50 दिन मेरी मदद करें।"
- "लोग कैसी-कैसी बातें मेरे बारे में कह रहे हैं, नोट बंदी पर क्या कुछ नहीं कह रहे। लेकिन, मुझे जिंदा भी जला दो मोदी को डरने वाला नहीं।"

मोदी बोले- मैं कुर्सी के लिए पैदा नहीं हुआ हूं, देश के लिए सबकुछ छोड़ा
- ''हमने एक और काम किया, सोना खरीदने पर एक्साइज ड्यूटी नहीं लगती। पहले कम लगती थी। ज्वैलर्स की संख्या कम है। बड़े शहरों में 50 होंगे।''
- ''मैंने घर, परिवार, सबकुछ देश के लिए छोड़ा है। मैं कुर्सी के लिए पैदा नहीं हुआ। (यहां मोदी थोड़ा भावुक हो गए)

मोदी ने कहा- करप्शन के खिलाफ काम करने के नाम पर ही बनी थी सरकार
- मोदी ने कहा, ''आपको पता था क्या, सबको मालूम था कि ये सरकार बनने के तुरंत बाद हमने एक सुप्रीम कोर्ट से रिटायर्ड जज के नेतृत्व में SIT बनाई।''
- "सबको पता था कि ये कोई न कोई बड़ा फैसला जरूर लेगा।"
- ''दुनिया में कहां-कहां ब्लैकमनी का काम चल रहा है, इसकी जांच हो रही है।''
- ''पहले वाली सरकारें टाल रही थीं.. हमने किया। पुत्र के पांव पालने में.. जब पहले दिन ऐसा निर्णय लिया तो पता नहीं था कि आगे में क्या करने वाला हूं।''
- ''कुछ नहीं छिपाया, देश को गलतफहमी में नहीं रखा, खुलकर बात कही और ईमानदारी से।''
- ''दूसरा जरूरी काम था कि दुनिया के देशों के साथ 50-60 साल में ऐसे एग्रीमेंट हुए कि हम ऐसे बंध गए कि जानकारियां ही नहीं मिल पा रही थी।''

कालाधन लाने के लिए कई देशों से समझौता
- पीएम ने कहा, ''कुछ देशों के साथ नया एग्रीमेंट किया, अमेरिका को समझाने में सफल हुआ कि एग्रीमेंट करिए और आपकी बैंकों में किसी हिंदुस्तानी का पैसा है आता-जाता है तो हमें तुरंत पता चलना चाहिए।''
- ''दुनिया के कई देशों के साथ काम किया है। विश्व के किसी भी देश में भारत से चोरी किया गया पैसा गया है, इसको रोकने का पुरजोर प्रबंध किया है।''

अब बेनामी प्रॉपर्टी पर हमला
- मोदी ने कहा ''दिल्ली में किसी बाबू का गोवा में फ्लैट है। पैदा कहीं और हुआ, दिल्ली में काम कर रहा है फ्लैट गोवा में है... किसके नाम है।''
- '' खुद के नाम नहीं खरीदते दूसरों के नाम खरीदते हैं। कानून बनाया कि जो बेनामी संपत्ति होगी, उस पर कानूनन हमला बोलने वाले हैं।''

'2जी-कोयला घोटाले वाले भी 4000 के लिए लाइन में लगे'
- मोदी ने कहा, "नोटबंदी के फैसले से बड़े-बड़े लाइन में आकर खड़े हो गए। 2जी और कोयला घोटाला वाले भी 4000 रुपये के लिए लाइन में लग गए।"
- बता दें कि कांग्रेस के वाइस प्रेसिडेंट राहुल गांधी दिल्ली की पार्लियामेंट स्ट्रीट स्थित स्टेट बैंक ब्रांच में 4000 रुपया बदलने पहुंचे थे। राहुल ने कहा था कि वो लाइन में लगकर जनता का दर्द समझना चाहते हैं।

Hind Kesari

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