MP ट्रेन ब्लास्ट से जुड़ा संदिग्ध आतंकी लखनऊ में ढेर, 6 घंटे चला एनकाउंटर

लखनऊ.यहां के ठाकुरगंज इलाके में एक संदिग्ध आतंकी को पुलिस और एटीएस ने 6 घंटे चले एनकाउंटर के बाद मार गिराया। माना जा रहा है कि यह संदिग्ध मध्य प्रदेश में एक ट्रेन में मंगलवार सुबह हुए ब्लास्ट की साजिश में शामिल था। पहले एमपी पुलिस ने चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया। इसके बाद यूपी एटीएस ने कानपुर-इटावा से तीन सस्पेक्ट अरेस्ट किए। इन्हीं गिरफ्तारियों के बाद इस संदिग्ध के लखनऊ में छिपे होने का इनपुट मिला। एनकाउंटर शुरू होने के बाद ATS ने संदिग्ध से बात करने की कोशिश की। उसने कहा कि वह जान दे देगा, पर सरेंडर नहीं करेगा। इसके बाद फायरिंग तेज हो गई। रात को गैस कटर के जरिए दीवार में छेदकर एटीएस कमांडोज ने अंदर का जायजा लिया। डॉक्टरों के साथ कमांडोज घर के अंदर दाखिल हुए। इसके बाद संदिग्ध के मारे जाने की पुष्टि हुई।

04:15 PM- ठाकुरगंज इलाके में हाजी कॉलोनी के एक घर में संदिग्ध के छिपे होने की जानकारी मिली। 20 स्पेशल कमांडो ने घर घेर लिया।
04:35 PM- ऑपरेशन के दौरान आम लोगों को घर से निकलने को मना किया गया।
04:50 PM- पुलिस आतंकी को सरेंडर करने के लिए मजबूर करने की कोशिश करती रही।
04:55 PM-- एटीएस ने टियर गैस का इस्तेमाल भी किया। लेकिन आतंकी सरेंडर को राजी नहीं हुआ।
05:10 PM- कहा जा रहा है कि संदिग्ध आतंकी ISIS से जुड़ा है। इसका नाम सैफुल है।
05:30 PM- बताया जा रहा है कि आतंकी ने एटीएस के कमांडोज से कहा कि वह जान दे देगा लेकिन सरेंडर नहीं करेगा।
06:15 PM- करीब दो घंटे के एनकाउंटर के बाद दूसरी बार आतंकी के कमरे के अंदर आंसू गैस के गोले दागे गए। फायरिंग फिर तेज हुई। मिर्ची बम का भी इस्तेमाल हुआ।
06:45 PM- ATS कमांडोज की फायरिंग में संदिग्ध घायल हो गया।
07:05 PM- आस-पास के लोगों के मुताबिक इस मकान में 6 महीने से 4 लोग रह रहे थे। इसमें यह संदिग्ध आतंकी भी शामिल है।
07:25 PM- पड़ोसियों का कहना है कि इन्होंने खुद को स्टूडेंट बताकर मकान किराए पर लिया था।
07:35 PM-इलाके में लाइट कम होने के कारण जनरेटर मंगाया गया। ताकि संदिग्ध आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग न सके।
08:20 PM-मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एनएसजी को अलर्ट किया गया। गैस कटर भी मंगवाया गया ताकि दीवार तोड़ी जा सके।
08:55 PM-पुलिस के मुताबिक, वो इस ऑपरेशन के लिए किसी तरह की जल्दबाजी नहीं चाहती थी। क्योंकि वो आतंकी को हर हाल में जिंदा पकड़ना चाहती थी।
09:40 PM-केंद्रीय गृह राज्य मंत्री हंसराज अहीर ने बताया कि पूरे देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
09:45 PM-यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) दलजीत चौधरी ने बताया कि ऑपरेशन खत्म हो चुका है। संदिग्ध मारा जा चुका है।

सुबह 9:30 से रात 9:30 तक 12 घंटे कैसे चला घटनाक्रम?

1) सुबह एमपी में ट्रेन में ब्लास्ट
-भोपाल से 70 किमी दूर कालापीपल में जबड़ी स्टेशन के पास मंगलवार सुबह 9 बजकर 38 मिनट पर भोपाल-उज्जैन पैसेंजर (59320) ट्रेन के जनरल कोच में ब्लास्ट हुआ। इसमें 9 लोग जख्मी हो गए। IED ब्लास्ट के बाद कोच में छेद हो गया। एमपी पुलिस ने पुष्टि की कि यह एक आतंकी हमला था। चलती ट्रेन से चार लोगों के भागने की खबर आई। 

2) दोपहर 12 बजे बाद में पिपरिया से संदिग्धों की गिरफ्तारी
- दोपहर 12.30 बजे इंटेलिजेंस इनपुट के बेस पर एमपी के पिपरिया के चेतक टोल नाके से 4 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। ये भोपाल के नादरा बस स्टैंड से एक बस में सवार हुए थे। बस रोककर इन संदिग्धों को पुलिस ने अरेस्ट किया और एटीएस के हवाले किया। दोपहर 2.30 बजे तक इनसे भोपाल में पूछताछ चली।
- माना जा रहा है कि इन्हीं संदिग्धों में कानपुर और लखनऊ में संदिग्धों की मौजूदगी के बारे में बताया।

3) दोपहर ढाई बजे कानपुर से अरेस्ट सस्पेक्ट ने लखनऊ के बारे में इन्फॉर्मेशन दी
- कानपुर के चकेरी थाना के तिवारीपुर ताडबगिया मोहल्ले से लखनऊ एसटीएफ की टीम ने एक संदिग्ध को अरेस्ट किया। उसका नाम फैजान बताया जा रहा है। 
- सूत्रों के मुताबिक, फैजान ने ही लखनऊ के एक घर में छिपे आतंकी के बारे में जानकारी दी। बाद में कानपुर से एक और इटावा से भी एक संदिग्ध को यूपी एटीएस ने गिरफ्तार किया।

4) साढ़े 3 बजे लखनऊ में एनकाउंटर शुरू हुआ
- ठाकुरगंज में यूपी एटीएस ने एक मकान पर ऑपरेशन शुरू किया। घर के अंदर एक संदिग्ध मौजूद था। उससे बातचीत की कोशिश हुई। लेकिन उसने सरेंडर से इनकार कर दिया। कमांडोज ने ऑपरेशन जारी रखा।

5) रात करीब साढ़े आठ बजे
- गैस कटर के जरिए पुलिस और एटीएस ने दीवार में छेदकर अंदर का जायजा लिया। आतंकी बेहोश पड़ा था। लेकिन उसके हाथ में हथियार था।

6) रात साढ़े नौ बजे
- कमांडोज डॉक्टरों को साथ लेकर घर के अंदर दाखिल हुए। बाद में एडीजी ने संदिग्ध के मारे जाने की पुष्टि की।

क्या बोले एडीजी?
- एडीजी दलजीत चौधरी ने कहा- इनपुट मिला था कि कुछ संदिग्ध कानपुर और लखनऊ में छुपे हुए हैं। कानपुर के संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है। दूसरे संदिग्ध को पुलिस ने लखनऊ में उसके घर में घेरा। उसका सरेंडर कराने की कोशिश की गई। उसके पास हथियार था।

चिली बम का भी हुआ इस्तेमाल
- एटीएस के आईजी असीम अरुण ने बताया, ''ऐसी सूचना मिली थी कि यहां एक संदिग्ध व्यक्ति है। उसके पास कोई होस्टेज नहीं था, इसलिए हमारे पास समय था। हमने चिली बम का भी इस्तेमाल किया। उसने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। ऐस लगा कि उसके पास हथियार हैं। लेकिन वो अकेला था। हमें कोई जल्दी नहीं था। उसने रुक-रुककर फायरिंग की थी। हम उसे जिंदा अरेस्ट करना चाहते थे।''

कहां है ठाकुरगंज?
- जिस इलाके में एनकाउंटर चला, वो रिहायशी कॉलोनी है। कॉलोनी नई है। इसलिए लोग एक-दूसरे के बारे में ज्यादा वाकिफ नहीं हैं। घर भी दूर-दूर बने हैं। 
- ये लखनऊ का बॉर्डर एरिया है। यहां से हरदोई जिला शुरू हो जाता है। बदमाश इस इलाके में अपना ठिकाना बनाते रहे हैं।

कॉलोनी के लोगों ने क्या बताया?
- आस-पास के लोगों के मुताबिक इस मकान में 6 महीने से 4 लोग रह रहे थे। इसमें यह संदिग्ध आतंकी भी शामिल है। 
- एटीएस जब यहां पहुंची तो एक संदिग्ध ही घर में मौजूद था। बाकी के 3 लोग यहां से निकल चुके थे। 
- इनके पास कानपुर के नंबर की एक बाइक भी थी। 
- पड़ोसियों का कहना है कि इन्होंने खुद को स्टूडेंट बताकर मकान किराए पर लिया था। 
- मकान मलिहाबाद के रहने वाले बादशाह का है, जो खाड़ी के किसी देश में काम करते हैं।