GST की दरें तय, जानिए अब क्या कुछ सस्ता होगा और क्या सामान होंगे महंगे?



नई दिल्ली: जीएसटी काउंसिल ने देश भर में लागू होने वाले एक समान टैक्स के चार स्लैब तय कर दिए हैं. इससे छोटी कारें, टीवी और फ्रिज समेत कई सामान सस्ते होने की उम्मीद है. लेकिन सोने पर टैक्स की दर अभी तय नहीं हुई है.

जानिए, क्या कुछ सस्ता होगा और क्या सामान हो जाएंगे महंगे?

अगर आप छोटी कार या फिर टीवी, फ्रिज, वॉशिंग मशीन वगैरह खऱीदने की सोच रहे हैं तो कुछ महीने इंतजार कर लीजिए. मुमकिन है पहली अप्रैल के बाद इनकी कीमतें कम हो जाएं. ऐसा इसलिए कि जीएसटी की जो दरें तय हुई हैं, वो कुल मौजूदा टैक्स से कम हैं.

– जीएसटी काउंसिल की बैठक में टैक्स के चार स्लैब – 5, 12, 18 और 28% पर सहमति बनी है.

– अनाज जैसी जरूरी चीज़ों पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. इन श्रेणी में खुदरा महंगाई दर के आंकलन में शामिल होने वाले करीब 50 फीसदी सामान रखे गए हैं.

– आम इस्तेमाल की बड़ी खपत वाले सामान पर जीएसटी की दर 5 फीसदी होगी.

– दो स्टैंडर्ड दरें 12 और 18 फीसदी की रखी गयी हैं. ये दर साबुन, शैंपू, शेविंग क्रीम जैसे रोजमर्रा के सामानों पर लागू हो सकती है.

– इसके बाद 28 फीसदी की दर है, जिसमें टीवी, फ्रिज जैसे व्हाइट गुड्स और सामान्य कारें शामिल की जा सकती हैं.

– एरेटेड ड्रिंक्स, पान मसाले, तंबाकू वाले उत्पाद और लग्जरी सामानों पर 28 फीसदी जीएसटी के अलावा सेस भी लगेगा.

– ये सेस इन चीजों पर लगने वाले कुल मौजूदा टैक्स और 28 फीसदी के अंतर के बराबर होगा.

– मसलन, अगर ऐसी किसी चीज़ पर अभी कुल टैक्स 40 फीसदी है, तो उस पर सेस 40 माइनस 28 यानी 12 फीसदी होगा.

वित्त मंत्री ने साफ किया है कि किस सामान पर कितना टैक्स होगा इसकी विस्तृत सूची सचिवों की एक समिति बनाएगी. लेकिन अब तक के इलान से जो चीज़ें सस्ती या महंगी होगी उसकी सूची इस प्रकार है.

जानें- क्या चीजें होंगी महंगी?

टीवी

फ्रिज

कई इलेक्ट्रॉनिक सामान

और

छोटी कारें

शामिल हैं.

जानें- क्या चीज़ें होंगी महंगी?

पान मसाला

तंबाकू

एरेटेड ड्रिंक्स

और लग्जरी सामान

पहले सोने पर 4 फीसदी की दर से जीएसटी लगाने का प्रस्ताव था. लेकिन फिलहाल ये प्रस्ताव टाल दिया गया है.

वित्त मंत्री का कहना है कि तमाम दरें आम आदमी को ध्यान में रखकर तय की गई हैं और इन पर सहमति बनाने में मतदान का सहारा नहीं लिया गया. काउंसिल की बैठक आज भी जारी रहेगी, जिसमें कर चुकाने वालों पर दोहरे नियंत्रण का मुद्दा सुलझाया जाएगा.