गीता के भक्ति योग पर अखिल भारतीय ऑनलाइन श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता आयोजित
नई दिल्ली। बच्चों और युवाओं को भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा तथा श्रीमद्भगवद्गीता के ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से पढ़े-बढ़े ट्रस्ट द्वारा रविवार को श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय 12 ‘भक्ति योग’ पर आधारित अखिल भारतीय ऑनलाइन श्लोक उच्चारण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में देश के विभिन्न शहरों से बच्चों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और शुद्ध उच्चारण, आत्मविश्वास तथा भावपूर्ण प्रस्तुति के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।प्रतियोगिता में लखनऊ, गुजरात, सूरत, पुणे, चंडीगढ़, बेंगलुरु, सोनीपत और अयोध्या सहित विभिन्न स्थानों से प्रतिभागियों ने ऑनलाइन माध्यम से हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोकों का संस्कृत में उच्चारण करते हुए भारतीय आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा के प्रति अपनी रुचि और जुड़ाव का परिचय दिया।
आयोजकों के अनुसार प्रतियोगिता का उद्देश्य केवल श्लोक उच्चारण तक सीमित नहीं था, बल्कि बच्चों एवं युवाओं में भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा, नैतिक मूल्यों और श्रीमद्भगवद्गीता के संदेश के प्रति जागरूकता एवं श्रद्धा विकसित करना भी था। प्रतियोगिता के माध्यम से प्रतिभागियों को गीता में निहित जीवन मूल्यों को समझने और उन्हें दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।
ऑनलाइन आयोजन के दौरान प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रस्तुतियां दीं।
श्लोकों के शुद्ध उच्चारण के साथ प्रतिभागियों की भावपूर्ण प्रस्तुति ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। अभिभावकों और शिक्षकों ने भी बच्चों को इस प्रकार की ज्ञानवर्धक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पढ़े-बढ़े ट्रस्ट की ओर से उपहार एवं प्रशस्ति प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों को उनके उत्साह, प्रयास और सहभागिता के लिए प्रशस्ति प्रमाण-पत्र देकर प्रोत्साहित किया जाएगा।
ट्रस्ट की ओर से प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों एवं युवाओं, उनके अभिभावकों, शिक्षकों और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। ट्रस्ट ने कहा कि इस तरह के रचनात्मक कार्यक्रम बच्चों में ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने के साथ-साथ उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पढ़े-बढ़े ट्रस्ट ने बताया कि भविष्य में भी शिक्षा, संस्कृति, भारतीय परंपराओं और सामाजिक उत्थान से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराना और भारतीय मूल्यों के प्रति उनमें सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है।
ट्रस्ट की ओर से प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों एवं युवाओं, उनके अभिभावकों, शिक्षकों और आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। ट्रस्ट ने कहा कि इस तरह के रचनात्मक कार्यक्रम बच्चों में ज्ञान, संस्कार, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने के साथ-साथ उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
पढ़े-बढ़े ट्रस्ट ने बताया कि भविष्य में भी शिक्षा, संस्कृति, भारतीय परंपराओं और सामाजिक उत्थान से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन आयोजनों का उद्देश्य नई पीढ़ी को देश की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत से परिचित कराना और भारतीय मूल्यों के प्रति उनमें सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है।


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