जानिए, कितना शातिर था ओसामा, कैसे देता रहा धोखा?

अलकायदा आतंकी ओसामा बिन लादेन ने छिपने के लिए कुछ योजनाएं तो बनाईं ही थी, बाकी भाग्य ने भी उसका साथ दिया। इस तरह वह सालों तक पाकिस्तान के एबटाबाद वाली कोठी में सारी दुनिया की नजरों से बचा रहा।
अल जजीरा चैनल द्वारा लीक की गई एबटाबाद कमीशन की रिपोर्ट से कुछ ऐसे रोचक तथ्य निकलकर सामने आए हैं, जिनसे साफ है कि सील कमांडो की कार्रवाई में मारे जाने से पहले लादेन कैसे बचता रहा। रिपोर्ट के अनुसार ओसामा को अच्छी तरह से मालूम था कि उसे अमेरिकी सेटेलाइट से बचकर रहना है। हमले के दौरान पकड़ी गई ओसामा की एक पत्नी ने आयोग की पूछताछ में बताया था कि वह कमरों से बाहर निकलते समय गोल हैट पहना करता था।
स्वात घाटी का एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी लादेन को 2002 में ही खत्म कर सकता था। लेकिन, बिना दाढ़ी के वह कुख्यात आतंकी को पहचान नहीं सका। एबटाबाद आने से पहले लादेन के पास केवल छह जोड़ी सलवार कमीज थे।
कोठी में रह रहे बच्चों की वजह से भी इस पर लोगों की नजर नहीं गई। बच्चे कोठी के अंदर ही रहते थे। ओसामा उन बच्चों के साथ खेला करता था। एक बच्चे ने टीवी पर यह देख लिया था कि ऊपर रह रहा आदमी दुनिया का मोस्ट वांटेड आतंकी है। इसके बाद उसे कभी टीवी नहीं देखने दिया गया। गार्जियन ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि एबटाबाद न केवल सेना बल्कि आतंकियों का भी सबसे पसंदीदा रहने का स्थान था।
एक स्थानीय निवासी ने आयोग को बताया था कि शहर में आतंकियों के हमले इसलिए नहीं होते क्योंकि यहां उनमें से कई के परिवार रहते हैं। अलकायदा का वरिष्ठ कमांडर अबु फराज अल लिबी ओसामा की कोठी से कुछ दूर पर ही मारा गया था। बाली बम धमाकों का आरोपी उमर पतेक एबटाबाद में जनवरी, 2011 को पकड़ा गया था।
पेशावर में भी रहा था लादेन:-
लादेन 2002 के मध्य में अमेरिकी सेना के डर से पाकिस्तान भाग गया था। वहां लादन एबटाबाद में बसने से पहले पांच अलग-अलग जगहों पर रहा। इनमें पेशावर भी शामिल है। नेवी सील कमांडो ने 2011 में एक खुफिया ऑपरेशन जेरेनिमो के दौरान एबटाबाद में उसे मार गिराया था। रिपोर्ट के अनुसार ओसामा दक्षिण वजीरिस्तान और बजरूर के कबायली इलाकों में छिपा रहा। इसके बाद वह पेशावर, स्वात और हरीपुर में रहा। उसके परिवार के कई सदस्य कराची, क्वेटा और ईरान-पाकिस्तान सीमा के इलाकों में रह रहे थे।
पाक सेना के भारत डर ने आसान बनाया सील कमांडो का रास्ता :-
पाकिस्तान के एबटाबाद में घुसकर कुख्यात आतंकी ओसामा बिन लादेन को मारने की योजना बनाते समय जिन दो चीजों ने अमेरिका को ताकत दी, उनमें एक था पाकिस्तान सेना में भारत का डर और दूसरी थी उसके पास मौजूद स्टेल्थ तकनीक। अमेरिका अच्छे से जानता था कि भारत से सटी सीमा पर पाकिस्तान का ध्यान है। उसने अफगानिस्तान की सीमा लगभग खाली छोड़ रखी है। इसलिए अमेरिकी स्टेल्थ लड़ाकू हेलीकॉप्टर आसानी से रात में एबटाबाद गए और लादेन को मारकर सुरक्षित वापस लौट आए।
एबटाबाद आयोग की अल जजीरा चैनल द्वारा लीक की गई रिपोर्ट के मुताबिक पाक सेना को मालूम था कि अमेरिका के ड्रोन हमले, विशेष ऑपरेशन और जासूसी नेटवर्क पाकिस्तान में काम कर रहे हैं। लेकिन, भारत से सटी सीमा की हिफाजत उसकी प्राथमिकता में था।
रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान वायुसेना को यह स्वीकारना चाहिए कि वह दो मोचरें पर लड़ाई करने में सक्षम नहीं है। सेना के रणनीतिक दस्तावेज भी मानते हैं कि भारत सबसे बड़ा खतरा है और आगे भी बना रहेगा।