केजरीवाल को गरियाने से पहले जान लें ये सच, भूल जाएंगे विरोध, हो जाएगी सहानुभूति..!






व्‍यंग्‍य रचना

आज दिल्ली के मुख्यमंत्री श्री अरविन्द केजरीवाल का जन्मदिन है। मेरी ख्वाहिश थी कि इस मौक़े पर उनका एक इंटरव्यू लेकर आप मित्रों से शेयर करूं। बड़ी कोशिशों के बावज़ूद उनसे समय नहीं मिला तो मैंने आज सुबह के सपने में उनसे बात कर ली। लोग कहते हैं कि सुबह के सपने सच होते हैं, इसीलिए इस इंटरव्यू को सच मानकर ही इसका आनंद लें! 'अरविन्द सर, जन्मदिन की बहुत-बहुत शुभकामना। लोगों को उम्मीद है कि आप अपने बर्थडे पर दिल्लीवासियों को कोई नायाब तोहफा ज़रूर देंगे।'




'मैं तो बहुत कुछ देना चाहता हूं अपने प्यारे दिल्लीवासियों को, लेकिन मेरे हाथ में क्या है जी ? मैं दिल्ली का लॉ एंड ऑर्डर सुधारना चाहता हूं, लेकिन दिल्ली की पुलिस मेरे हाथ में नहीं। मैं दिल्ली को साफ़-सुथरा देखना चाहता हूं, लेकिन एम.सी.डी मेरे हाथ में नहीं। मैं दिल्ली से भ्रष्टाचार मिटाना चाहता हूं, लेकिन भ्रष्टाचार की जांच करने वाली एजेंसी मेरे हाथ में नहीं। मैं दिल्ली को व्यवस्थित करने के लिए सबसे बेहतरीन क़ानून बनाना चाहता हूं, लेकिन उन्हें अनुमोदित करने वाला एल.जी नज़ीब जंग मेरे हाथ में नहीं। मैं अपनी बात मनवाने के लिए एक बार फिर दिल्ली की सड़कों पर धरना देना चाहता हूं, लेकिन वक़्त मेरे हाथ में नहीं।'