सुप्रीम कोर्ट ने NDMC को होटल ताज मानसिंह की ई-नीलामी की मंजूरी दी

नई दिल्ली।सुप्रीम कोर्ट ने NDMC को दिल्ली के बीचोंबीच बसे होटल ताज मानसिंह की ई-नीलामी की गुरूवार को मंजूरी दे दी। टाटा ग्रुप की इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (IHCL) फिलहाल इसे चला रही है। 
-सुप्रीम कोर्ट के जज पीसी घोष और जस्टिस आरएफ नरीमन की बेंच ने NDMC की पिटिशन को मंजूर कर लिया कि टाटा ग्रुप की कंपनी के पास होटल की ई नीलामी से इनकार करने का अधिकार नहीं हो सकता।
-बेंच ने हालांकि NDMC से कहा कि अगर टाटा समूह ई नीलामी में हार जाता है तो वह होटल खाली करने के लिए कंपनी को 6 महीने का वक्त दे।
-बेंच ने यह भी कहा कि NDMC को इस ऐतिहासिक प्रॉपर्टी की ई नीलामी करते वक्त टाटा ग्रुप की कंपनी IHCL के बेदाग इतिहास को भी ध्यान में रखना चाहिए।

हाईकोर्ट के ऑर्डर के खिलाफ कोर्ट पहुंची थी IHCL
- NDMC ने तीन मार्च को सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि वह होटल की ई नीलामी करना चाहती है।
-सुप्रीम कोर्ट ने होटल की नीलामी मंजूर करने के दिल्ली HC के फैसले को चुनौती देने पर IHCL से एक हफ्ते के भीतर अपनी आपत्तियां, अगर कोई हों तो उन्हें दाखिल करने के लिए कहा था।
- IHCL ने अपनी पिटिशन में कहा था कि यह क्लियर नहीं है कि NDMC उस प्रॉपर्टी को नीलाम क्यों करना चाहती है जिसने उसे बेहतरीन रेवेन्यू दिया है।
-कंपनी ने कहा कि NDMC एक्सपर्ट रिपोर्ट में भी कहा गया है कि अगर होटल को किसी दूसरी पार्टी को नीलाम किया गया तो NDMC रेवेन्यू खो देगी।
-सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 21 नवंबर को अपने ऑर्डर में होटल ताज मानसिंह की नीलामी में मौजूदा स्थिति बनाए रखने को कहा था।
- IHCL ने होटल की नीलामी को हरी झंड़ी देने वाले दिल्ली HC के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आठ नवंबर को अपील की थी।
NDMC की प्रॉपर्टी है ताज मानसिंह
-गौरतलब है कि ताज मानसिंह NDMC की प्रॉपर्टी है जिसे IHCL को 33 साल के पट्टे पर दिया गया था।
-पट्टे की यह अवधि 2011 में खत्म हो गई थी जिसके बाद अनेक आधार पर कंपनी को नौ अस्थाई एक्सटेंशन दिए जा चुके हैं जिनमें से तीन एक्टेंशन तो पिछले साल ही दिए गए थे।