पूर्व डिप्टी मेयर सरदार सिंह भाटी द्वारा महाराणा प्रताप जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन, नीरज सिंह का मुख्य अतिथि के रूप में स्वागत


गाजियाबाद : महाराणा प्रताप जयंती के  कार्यक्रम में आदरणीय नीरज सिंह जी के गाजियाबाद आगमन पर यूपी गेट पर गाजियाबाद के वरिष्ठ भाजपा नेता सरदार सिंह भाटी के नेतृत्व में नीरज सिंह जी का पुष्प मालायो से भव्य स्वागत किया गया 

नंद ग्राम गाजियाबाद में महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर कार्यक्रम  आयोजन किया गया जिसमे   मुख्य अतिथि  के रूप में शामिल हुए देश के रक्षा मंत्री के पुत्र श्री नीरज  सिंह व  विशिष्ट अतिथि शूरवीर  शेर सिंह राणा , पूर्व डिप्टी मेयर सरदार सिंह भाटी, गायक जीत राजपूत, पार्षद रवि भाटी शामिल हुए |

इस आयोजन में मुख्य अतिथियों के ऊपर पुष्प वर्षा हुई व महाराणा  प्रताप के जयकारों से गूंज गया यूपी गेट गाजियाबाद इतना ही नहीं शूरवीर महाराणा प्रताप की जयंती पर  गाज़ियाबाद में शेर सिंह राणा जिंदाबाद के जमकर लगे नारे वही नौजवान युवाओ ने नीरज सिंह  जिंदाबाद  के भी लगाए नारे |

बता दें कि नीरज सिंह लाखों-करोड़ों  युवाओं की धड़कन है इसलिए आज महाराणा प्रताप की जयंती पर सड़कों पर  लगभग हजारों लोगों की भीड़ का जनसैलाब देखा  गया | यूपी गेट से नीरज सिंह का जगह जगह युवाओं ने स्वागत किया  कार्यक्रम स्थल नंदग्राम मे पहुंचकर नीरज सिंह ने सबसे पहले महाराणा प्रताप जी की प्रतिमा पर  पुष्प  माला अर्पण  कर उन्हे नमन किया

गाजियाबाद के नंद ग्राम में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती पर नीरज सिंह ने बताया महाराणा प्रताप भारत के महान शूरवीर सपूतों में एक थे. जिनके  शौर्य, त्याग और बलिदान की गाथाएं आज भी देश में चारों ओर गूंजती हैं. नीरज सिंह ने महाराणा प्रताप के परिवार के बारे में सभा में आए सभी नोजवानो के सामने बताया  

कहा  महाराणा प्रताप  का जन्म 9 मई 1540 को राजपूत राज परिवार में हुआ था. पिता उदय सिंह मेवाड़ा वंश के शासक थे. महाराणा प्रताप उनके बड़े बेटे थे. महाराणा प्रताप के छोटे तीन भाई और दो सौतेली बहनें थीं

शेर सिंह राणा ने कहा कि "शूरवीर महाराणा प्रताप ने मुगलों के अतिक्रमणों के खिलाफ अनगिनत लड़ाइयां लड़ी थीं. अकबर को तो उन्होंने ( 1577,1578 और 1579 ) युद्ध में तीन बार बुरी तरह हराया था." सरदार सिंह भाटी ने कहा महाराणा प्रताप ने जंगल में घास की रोटी खाई और जमीन पर सोकर रात जरूर गुजारी, लेकिन अकबर के सामने कभी हार नहीं मानी. यह भी कहा जाता है कि महाराणा प्रताप अपनी तलवार से दुश्मनों के एक झटके में घोड़े सहित दो टुकड़े कर देते थे.

इस अवसर पर  साथ मे सरदार सिंह भाटी जी, जीत राजपूत जी (हरियाणवी सिंगर), शेरसिंह राणा जी राष्ट्रीय अध्यक्ष (रा०ज० पा० ) , अनील खेड़ा जी ,रवि भाटी जी (पार्षद), सत्यपाल राघव जी, भानू शिशोदिया जी, राजेश्वर प्रसाद,पार्षद कालीचरण पहलवान, पार्षद विरेंद्र त्यागी,पार्षद अनिल तोमर , पार्षद राजकुमार भाटी, पार्षद संतराम यादव, वरुण पुंडीर, नितिन चौहान, यश राघव, अनुज राघव, सुखवीर सोलंकी,सलेंद्र चौहान सोनू जैन , दीपक ठाकुर, कैलाश यादव, मुन्ना सिंह, वीरपाल कटारिया, राजकुमार नागर, भोपाल यादव,सोमनाथ चौहान,टिंकू, ईशांत, सुधीर, दीपक, राकेश पण्डित, कर्मवीर पण्डित, रॉबिन तोमर, राहुल, हेमंत त्यागी, विनीत त्यागी, आकाश, हिमांशु, सुरज, अरूण, मुकेश एवम समस्त क्षत्रीय समाज एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासीगण उपस्थित रहे।। कार्यक्रम आयोजक सत्यपाल राघव एवम क्षत्रिय समाज व उनकी समस्त टीम को नीरज सिंह जी ने धन्यवाद आभार व्यक्त किया |