गिरीश अपनी पहली ही फिल्म के लिए आपको काफी वाहवाही मिली और प्रभुदेवा जैसे डायरेक्टर के साथ काम किया, कैसा लगा ?
जी यह तो अपनी-अपनी किस्मत की बात है कि पहली ही फिल्म आपको प्रभुदेवा जैसे बड़े डायरेक्टर के साथ करने को मिले। मैं बहुत लकी हूं कि मैंने उनके साथ काम किया। साथ ही पब्लिक ने मेरे काम को पसंद किया। इससे ज्यादा एक कलाकार की चाहत ही क्या होती है।
हमारी फिल्म गाने भी बहुत पसंद किए गए।
फिल्मों में कैसे आना हुआ ?
मेरी बचपन से ही इच्छा थी कि मैं फिल्मों में जाऊं। हालांकि एक म्यूजिकल फैमिली होने के चलते सेंस ऑफ म्यूजिक तो था, लेकिन गाना गाने के बारे में कभी सोचा नहीं। जब मैं 12-13 साल का था, तो मैंने पापा से कह दिया था कि मैं फिल्में करूंगा। फिर रेस के दौरान अब्बास-मस्तान जी को असिस्ट करने का मौका मिला और 'प्रिंस' की मेकिंग में असिस्ट किया। प्रभुदेवा जी से 'रमैया वस्तावैया' के लिए मिलना तब हुआ जब वह 'राउडी राठौड़' बना रहे थे। उसके बाद उन्होंने मेरा ऑडिशन लिया और एक-दो साल तक डांस सीखने के लिए कहा और फिजिक बनाने के लिए भी। फिर क्या था मैं जुट गया प्रैक्टिस में।
तो क्या फिर हम आपको जल्दी ही गाना गाते भी सुनेंगे या सिर्फ फिल्मों में ही देखेंगे?
जी नहीं गाना तो मैं कभी नहीं गाऊंगा। मैं दिल से ऐक्टर हूं और दिल से ऐक्टिंग करता हूं।
आप एक फिल्मी परिवार से आते हैं। इसका कितना फायदा मिला?
देखिए फिल्मी परिवार से आने का फायदा तो होता है। लेकिन अल्टिमेटली आपका टैलेंट ही काम आता है। पहले भी नॉन फिल्मी बैकग्राउंड के लोग बॉलिवुड में सफल हुए हैं और अभी भी हो रहे हैं। आपके सामने रणवीर सिंह जैसा उदाहरण है। मेरा मानना है कि हमारे ऊपर अपेक्षाओं का ज्यादा दवाब होता है।
'रमैया वस्तावैया' प्रभु की ही साउथ की फिल्म का रीमेक है। ऐसे में आपके ऊपर ज्यादा प्रेशर होगा?
हां प्रेशर तो बहुत था। खासकर जब मेरे एक तरफ जैक्लीन और दूसरी तरफ खुद प्रभु सर डांस कर रहे थे, जो कि दोनों ही बहुत अच्छे डांसर हैं। हालांकि इस फिल्म की रोचक बात यह है कि हमने पहले 'रमैया वस्तावैया' के राइट्स लिए और बाद में हमने प्रभु
सर को साइन किया। उन्हें बाद में पता चला कि कि उन्हें अपनी ही फिल्म का रीमेक बनाना है।
प्रभु तो ऐक्शन फिल्मों के प्रभु हैं और आपने उनके साथ रोमांटिक फिल्म में काम किया कैसा रहा अनुभव?
हां ये बात है कि प्रभु सर की फिल्मों में एक्शन बहुत होता है, लेकिन येभी उनकी ही एक फिल्म है, जो वह पहले भी बना चुके हैं और इसे लोगों ने पसंद भी बहुत किया। प्रभु सर के साथ काम करना बहुत अच्छा होता है, क्योंकि वह बहुत फोकस होते हैं और पूरी तैयारी के साथ फिल्म बनाते हैं। इसलिए एक केबाद एक शॉट्स लेते चले जाते हैं और फिल्म बहुत कम समय में ख़त्म हो जाती है।
आजकल 100 करोड़ क्लब का ट्रेंड चल रहा है। इस बारे में आपका क्या कहना है?
ये अच्छी बात है कि हमारी फिल्में 100 करोड़ कमा रही हैं। मेरी भी ख्वाहिश है कि मेरी फ़िल्म भी इस क्लब में शामिल हो, लेकिन मेरा मानना है कि मेरी फिल्म तभी उस क्लब में शामिल हो जब मैं इसे डिज़र्व करता हूं।
आपका कोई ड्रीम रोल जो आप करना चाहते हैं?
मुझे देवदास का किरदार बहुत पसंद है और मैं उसे जरुर प्ले करना चाहूंगा, लेकिन जैसे कि अब तक देवदास पर कई फिल्में बन चुकी हैं। यहां तक की 'देव डी' जैसा एक्सपेरिमेंट भी हो चुका है। ऐसे में मुझे लगता है कि मुझे उसके लिए अभी थोड़ा वेट करना होगा।
अगर आपको कोई हिस्टोरिक या माइथॉलजिकल रोल करना हो, तो किसे प्ले करना चाहेंगे?
देखिये हिस्टोरिक रोल तो अभी ढूंढना पड़ेगा कि किस पर अभी कोई फिल्म नहीं बनी है। लेकिन अभी हाल ही में मैंने 'महाभारत 3 डी' देखी तो मुझे लगा कि मुझे कृष्ण का रोल करना चाहिए। वैसे मैं राम तो बन ही चुका हूं और अब कृष्ण बन जाऊंगा (हंसते हुए)।
दिल्ली में ऐसा क्या है, जो आप मुंबई में बहुत मिस करते हैं?
जी दिल्ली में बहुत ज्यादा जगह हैं, मॉन्यूमेंट्स हैं घूमने के लिए। मुंबई में ये सब कहां। चिल आउट के लिए मुंबई में हम यह सब बहुत मिस करते हैं।
ऐसी कोई जगह दिल्ली की जहां आप लंबा वक्त गुजारना पसंद करते हों?
बंगला साहिब जाना मुझे बहुत पसंद है। मैं यहां कितना भी समय गुजार सकता हूं। यहां का कड़ाह प्रसाद तो मेरा फेवरिट है। इसके अलावा मैं कोशिश करता हूं कि सीसगंज साहिब जाऊं, लेकिन वो अक्सर हो नहीं पाता। बाकी कुतुब मीनार भी मुझे बहुत पसंद है।
दिल्ली की सर्दी कैसी लगी आपको?
दिल्ली की सर्दियों में मैं पहली बार दिल्ली आया हूं। जब मैं प्लेन में था, तभी मुझे लग गया था कि दिल्ली में सर्दी कड़ाके की होगी। वैसे तो दिल्ली का हर खाना बहुत अच्छा है, लेकिन सर्दी की हालत देखते हुए मैंने मिक्स परांठा खाया बहुत अच्छा टेस्ट था उसका।
आपके आने वाले प्रोजेक्ट्स क्या है?
अभी पाइप लाइन में कुछ प्रोजेक्ट्स हैं, जिन्हे सही समय पर अनाउंस करना बेहतर होगा। और हां एक अफवाह है कि 'रानी तू मैं राजा' नाम की फिल्म मैं कर रहा हूं, तो अभी इस तरह का कोई प्रोजेक्ट मेरे पास नहीं है।
देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर क्या कहना चाहेंगे?
ये अच्छी बात है कि अब हमारे पास राजनीतिक विकल्प के तौर पर आम आदमी पार्टी जैसा दल है, जो कुछ नया करने की कोशिश कर रहा है। खैर ये तो जनता और हमें डिसाइड करना है कि चुनाव में कि हम क्या चाहते हैं। मैं कहना चाहूंगा कि सभी को वोट जरुर देना चाहिए।
और समाज में जिस तरह रेप आदि की घटनाएं बढ़ रही हैं। इस पर आप क्या कहना चाहेंगे?
मेरा मानना है कि ऐसा सब कुछ एजुकेशन की कमी के कारण हो रहा है। खासकर कि गर्ल्स की एजुकेशन। अगर हम उन्हें एजुकेट करेंगे, तो वह एक पूरी फैमिली को एजुकेट करने जैसा होगा, जिससे समाज में जो मोरल वैल्यूज में डाउन फॉल आ रहा है, वह नहीं आएगा।


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