'आजकल
अचानक किसी शो में एक चेहरे की जगह दूसरा चेहरा आ जाता है। कभी किसी को अनप्रफेशनल
बिहेवियर की वजह से रिप्लेस कर दिया जाता है, तो कभी किसी और मजबूरी की वजह से। लेकिन
टच-वुड मुझे आज तक किसी ने रिप्लेस नहीं किया है।' यह कहना है टेलिविजन की जानी-मानी
ऐक्ट्रेस और इन दिनों टीवी शो 'फिरंगी बहु' में सास के रोल में नजर आ रहीं इंदिरा कृष्णन
का। पिछले दिनों इंदिरा 'एनबीटी वंडर वुमन' की किटी पार्टी में शामिल होने के लिए खासतौर
पर लखनऊ आईं। इस पार्टी में उन्होंने जमकर मस्ती की और अपने इस लंबे करियर के खास एक्सपीरियंस
को हमारे साथ शेयर किया...
'भगवान
के बाद औरतों का दर्जा'
भगवान
के बाद अगर मैं किसी को दर्जा देती हूं तो वह औरत ही है। बच्चे को जन्म एक औरत देती
है, परवरिश औरत करती है। घर से निकल कर जब बच्चा स्कूल जाता है, तो वहां भी एक टीचर
ही उसे शिक्षा देती है। यानी औरत के बिना जिंदगी अधूरी है।
'टीवी
जोड़ियों की शादियां टूट रही हैं'
जब मैंने
शादी करने का इरादा किया, तो ऐसे इंसान को चुना जो इस फील्ड से ही तालुक रखते हैं।
मेरे पति डायरेक्शन में हैं और मैं ऐक्टिंग में हूं। हम दोनों एक-दूसरे के काम के अंदाज
को समझते हैं। अगर वह किसी और फील्ड से होते तो शायद हममें इतनी अच्छी अंडरस्टैडिंग
नहीं होती। एक ऐक्टर को कभी देर से घर आना पड़ता है, तो कभी प्रमोशंस के लिए जाना पड़ता
है, ऐसा बहुत कुछ होता है। जहां तक सवाल आज की टीवी जोड़ियों की होने वाली शादियों
का है, तो यह सही है कि शो में एक साथ नजर आने वाले बहुत से कलाकार एक दूसरे से शादी
कर रहे हैं, लेकिन उतनी ही जल्दी उनकी शादी टूट भी रही है।
'यंगस्टर्स
में पैशन कम, फेम की हवस ज्यादा है'
आज के
नए कलाकारों में सिंसियरिटी कम नजर आती है। कॉम्पिटिशन बहुत ज्यादा हो गया है। 6 महीने
के अंदर वे मुम्बई में अपना घर तो बना लेते हैं, लेकिन पता नहीं कैसे! पैशन से ज्यादा
उनमें फेमस होने की हवस होती है। यही वजह है कि एक शो के बाद कई चेहरे कहां गायब हो
गए, पता ही नहीं चला। काम में कंसिस्टेंसी नहीं नजर आती। उनके अनप्रफेशनल बिहेवियर
के चलते ही कई बार उन्हें रिप्लेस भी कर दिया जाता है। ऐसे लोग जब शादी करते हैं, तो
उनके रिश्ते का हाल भी यही होता है। एक साथ किसी किरदार को जीते-जीते उन्हें प्यार
हो जाता है और वे शादी कर लेते हैं। लेकिन कुछ ही दिनों बाद इस रिश्ते का चार्म खत्म
हो जाता है। मुझे तो लगता है कि वे किरदार को प्यार करते हुए यह कदम उठाते हैं। यह
प्यार नहीं, बल्कि इंफैचुएशन ही होता है।
'पैशन
का होना जरुरी है'
अनुराग
बसु के टीवी शो 'मंजिलें अपनी अपनी' से ऐक्टिंग लाइन में कदम रखने वालीं इंदिरा कहती
हैं, मैं खुद को लकी मानती हूं कि 13 साल हो गए इस इंडस्ट्री में, लेकिन आज तक घर पर
नहीं बैठी। मैंने कई शोज किए, फिल्में कीं। 'कृष्णाबेन खाकरा वाला' जैसा बेहतरीन शो
किया, जो मुझे आज भी पसंद है। इसकी वजह यही है कि मैंने अपने पैशन को हमेशा जिंदा रखा।
जो किया पूरे दिल से किया। मेरा रेकॉर्ड है कि जिस शो को मैंने शुरू किया, उसमें मेरी
जगह किसी ने नहीं ली। यानी, मुझे कभी किसी ने रिप्लेस नहीं किया। अब पहले जैसा माहौल
नहीं रहा। हर कलाकार यहां अकेले आता है और अकेला ही सफलता और असफलता को देखता है। यूनिटी
नहीं है, जो पहले हुआ करती थी।
वो मेरे
दिल के करीब हैं
उड़िया
फिल्म 'सौना पंजुरी' के लिए नैशनल अवॉर्ड से नवाजी जा चुकीं इंदिरा ने बताया कि वह
भरतनाट्यम डांसर हैं और स्टेज शोज किया करती थीं। अनुराग बसु ने उन्हें सबसे पहला चांस
दिया था। कुछ पुराने टीवी शोज को याद करते हुए इंदिरा कहती हैं, 'मैं स्कूल गोइंग गर्ल
थी, जब टीवी पर 'चित्रहार', 'ये जो है जिंदगी', 'हम लोग', 'बुनियाद' शोज आया करते थे।
मैं उनका हिस्सा नहीं थी, लेकिन आज भी वे शोज मेरे दिल के करीब हैं। जहां तक सवाल
'फिरंगी बहु' का है, तो उसे भी मैं काफी इंजॉय कर रही हूं। एक फिरंगी बहु की सास होना
आसान नहीं है। (हंसते हुए)'


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