विशारद कर चुकी सात साल बाद संगीत को लोटी

 
प्रियंका बोरा 20 वर्षीय  पेशे से टाटा-सिंगापुर वायुसेवा में केबिन क्रू, प्रदीप अडवाणी इंस्टिट्यूट ऑफ़ परफार्मिंग आर्ट्स(पाइपा ) , अमरकोलोनी ,लाजपत नगर , नई दिल्ली से नृत्य की शिक्षा लेती हैं । एक दिन कक्षा के पश्चात खली समय में इन्हे गुनगुनाते सुनागया तो पाइपा के निर्देशक श्री प्रदीप अडवाणी जी ने पूछा की क्या वह गाया करती हैं ? इस पर प्रियंका ने बड़ी विनम्रतापूर्वक उतर दिया की वह  भातखंडे संगीत संस्थान से संगीत विशारद कर चुकी हैं । मूलतः असम के धुबरी जिले की रहने वाली प्रियंका बोरा ने 5-6 वर्ष की आयु में अपने गृहनगर में शास्त्रीय संगीत की शिक्षा लेना प्रारम्ब किया था ।बालय काल में ही प्रियंका को बिहू महोत्सव में 2000 से 3000 श्रोताओ के सामने गाने का अवसर प्राप्त हुआ ।  तथा वह जब पांबरी के केंद्रीय  विद्यालय की नोवि कक्षा में पढ़ती थी तो प्रियंका ने संगीत विशारद की उपाधि प्राप्त करी थी । बहुमुखी प्रतिभा की धनि प्रियंका बोरा दसवी कक्षा में केंद्रीय विद्यालय की टीम से कब्बडी की  राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेल चुकी हैं । 10 के पश्चात प्रियंका का परिवार गुवाहाटी स्थानांतरित होगया । वहां प्रियंका ने साउथ पॉइंट स्कूल से 10+2 की पढ़ाई की । वहां  प्रियंका ने अंतर-विद्यालय खेल प्रतियोगता में लंबी कूद के लिए स्वर्ण पदक जीता ।  प्रियंका की माता श्रीमती तनुमई बोरा राजकीय अस्पताल में  नर्सिंग विभाग की प्रमुख हैं । तथा इन के पिता श्री प्रबोड चन्द्र बोरा  केंद्रीय सरकार की सेवा में नियुक्त हैं । अपने आकांक्षाओं के विषय में पूछे जाने पर वह बताती हैं की धुबरी को बहुत कम लोग जानते हैं , इसलिए वह नृत्य एवं संगीत के माध्यम से अपने गृहनगर को संसार के मानचित्र पर लाना चाहती हैं ।